राजाखेड़ा : कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद चंबल नदी अपने पूरे उफान पर है. राजाखेड़ा उपखंड के आधा दर्जन से अधिक गांव इस समय बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. राजाखेड़ा के अंधियारी गांव में चंबल का पानी भरने से रपट के दूसरी ओर बसे गढ़ी जाफर, दगरा, बरसला, हेतसिंह का पुरा, खोड़ गांव का उपखंड के अंधियारी गांव से तीन दिन से संपर्क कटा हुआ है. हाड़ौती क्षेत्र में हुई जोरदार बारिश की वजह से जिले से गुजर रही चंबल नदी खतरे के निशान से करीब 12 मीटर ऊपर पहुंच चुकी है.
पानी में डूबा सरकारी स्कूल, लोगों ने छोड़े घर : चंबल का जलस्तर बढ़ने के साथ ही प्रशासन द्वारा लोगों से लगातार अपील की जा रही थी जिसके बाद ग्रामीण अपने घर के सामान को समेट कर ऊंचे सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट हो गए हैं. गुरुवार सुबह राजाखेड़ा के अंधियारी गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है, जिससे ग्रामीणों के घर डूबने की कगार पर है. बाढ़ से राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय अंधियारी भी डूब गया है. जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी ने आज गुरुवार को जिले में संचालित कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ आंगनवाड़ी बच्चों की छुट्टी घोषित की है.
राजाखेड़ा और सरमथुरा उपखंड के कई गांव चंबल के आसपास बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं. एसडीआरएफ द्वारा ग्रामीणों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. जिला प्रशासन के सभी विभाग अलर्ट मोड पर हो हैं. राहत और बचाव कार्य के लिए सेना भी पहुंच गई है. जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान हालातों पर नजर बनाए हुए हैं. प्रशासन द्वारा लोगों से सुरक्षित रहने की अपील की जा रही है. जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता पपेंद्र मीणा ने बताया जिले में औसतन 98 फीसदी बारिश हो चुकी है. जिले के सबसे बड़े पार्वती बांध की भी झोली भर चुकी है. इसके अलावा दूसरे नंबर का उर्मिला सागर भी ओवरफ्लो हो चुका है. जिले के अधिकांश नदी तालाब झरना और जलाशय लबालब भर चुके हैं.
मचकुंड सरोवर में भी चली पानी की चादर : मचकुंड का सरोवर भी लबालब भर चुका है. मचकुंड परिसर की प्राचीन इमारत के अंदर से पानी निकलना शुरू हो गया है. मचकुंड सरोवर के आसपास पुलिस जाप्ता भी तैनात किया गया है. श्रद्धालुओं के स्नान करने पर रोक लगा दी गई है. उधर मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की चेतावनी दी है.
भरतपुर में भी स्कूल बंद: मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश और अलर्ट की चेतावनी के बावजूद जिला प्रशासन की देरी से कार्रवाई से गुरुवार सुबह सैकड़ों बच्चे स्कूल और कॉलेज पहुंच गए. बाद में जिला प्रशासन ने आदेश जारी कर गुरुवार को जिले में संचालित सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों, महाविद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया. लेकिन आदेश जारी होने से पहले ही बच्चे स्कूल, कॉलेज पहुंच चुके थे.
जिला कलक्टर एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष कमर उल जमान चौधरी ने बताया कि आदेश सुबह ही जारी किए गए थे. उन्होंने कहा कि जो बच्चे पहले ही स्कूल और कॉलेज पहुंच चुके हैं और जहां व्यवस्था सही है, वहां पढ़ाई जारी रह सकती है, लेकिन जहां रास्तों में पानी भरा है या स्कूल-कॉलेज में व्यवस्थाएं प्रभावित हैं, वहां छुट्टी जरूरी है. जिला कलक्टर कमर उल जमान चौधरी ने आदेश जारी कर बताया कि जिले में संचालित सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों, महाविद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश रहेगा. कलक्टर चौधरी ने कहा कि यह निर्णय विद्यार्थियों और स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अवकाश छात्र-छात्राओं और सभी शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ के लिए लागू होगा.
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिले में पूर्व निर्धारित सभी परीक्षा कार्यक्रम यथावत रहेंगे, लेकिन परीक्षार्थियों को अपनी सुरक्षा का स्वयं ध्यान रखना होगा. जिला कलक्टर ने जिले के सभी संस्थान प्रधानों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे इस आदेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें. आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित संस्थान प्रधान के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी.




















