जयपुर : भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा इस राखी पर भी हिंदू-मुस्लिम समाज में रक्षा का संकल्प लेगा. मोर्चा की पहल पर रक्षाबंधन पर हिंदू और मुस्लिम भाई-बहन एक दूसरे को रक्षा सूत्र बांधेंगे व सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा आगे बढ़ाएंगे. इसके साथ ही मोर्चा केंद्र की मोदी सरकार की ओर से मुस्लिम महिलाओं के तीन तलाक और वक्फ बोर्ड में भूमिका के अधिकार के बारे में जागरूक भी करेगा.
हिंदू-मुस्लिम का भेद मिटाकर देंगे सौहार्द का संदेश: भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हमीद खान मेवाती ने बताया कि भारत अलग अलग संप्रदाय और संस्कृतियों का गुलदस्ता कहलाता है. इसकी झलक और महक हर कहीं दिखती व महसूस होती है. इसका अहसास रक्षाबंधन पर होता है. हर साल यह पर्व हिंदू-मुस्लिम का भेद मिटाकर सौहार्द का संदेश देता है. यह पारंपरिक त्योहार भाई-बहन के पवित्र रिश्तों की मिसाल पेश करता है. भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा इस पहल को आगे बढ़ाने की काेशिश कर रहा है. इसके लिए रक्षाबंधन पर मोर्चा के कार्यकर्ता हिंदू बहनों से रखी बंधवाएंगे और मुस्लिम बहनें हिंदू भाइयों को राखी बांधेंगी. इसके लिए कुछ जगह सार्वजनिक कार्यक्रम किए जाएंगे. मोर्चा पदाधिकारियों को इसका जिम्मा दिया है.
अध्यक्ष हमीद खान मेवाती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंदू-मुस्लिम समाज के बीच सौहार्द बढ़े, इसके लिए रक्षाबंधन पर एक दूसरे को राखी बांधने और बंधवाने का आह्वान किया था. इसके बाद हर साल मोर्चा रक्षाबंधन मनाता है. पार्टी और मोर्चा में हिंदू मुस्लिम बहन भाइयों के बीच राखी बांधने की परंपरा है. इस बार भी राखी पर इस परंपरा का निर्वहन किया जाएगा.
इतिहास सिखाता है भाईचारा: हमीद खान ने कहा कि राखी हो या अन्य त्योहार, हिंदू-मुस्लिम मिलजुलकर मनाते हैं तो दोनों संप्रदायों में वैमनस्यता खत्म होती है. दोनों के बीच भाईचारा बढ़ेगा तो प्रदेश और देश तरक्की करेगा. अल्पसंख्यक मोर्चा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई कि वो अपने क्षेत्रों में रक्षाबंधन मिलजुलकर मनाएं. राजस्थान की गंगा जमुनी संस्कृति रही है. भाजपा और अल्पसंख्यक मोर्चा इस संस्कृति को सींचता है. मेवाती ने कहा कि हिंदू भाई बहनों के बीच राखी बांधने का काम पुराने समय से चला आ रहा है. इतिहास भी हमें सांप्रदायिक सौहार्द का पाठ पढ़ाता है.
मोदी सरकार की योजनाओं का प्रचार: माेर्चा कार्यकर्ता रक्षाबंधन के दौरान मोदी सरकार की योजनाओं का भी बखान करेंगे. मोदी ने तीन तलाक प्रथा को खत्म कर मुस्लिम बहनों को तोहफा दिया. इसके साथ वक्फ बोर्ड में भी मुस्लिम बहनों की भूमिका को सुनिश्चित किया.




















