जैसलमेर : झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद अब जैसलमेर के पूनमनगर गांव में भी बड़ा हादसा हुआ है. यहां तेज हवाओं में स्कूल गेट का पिलर गिर गया, जिसके कारण मासूम छात्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. बच्चा स्कूल से बाहर निकल रहा था तभी ये हादसा हुआ. बच्चा प्राथमिक कक्षा का छात्र बताया जा रहा है. हादसे में एक शिक्षक भी गंभीर रूप से घायल हुआ है. घायल शिक्षक को तत्काल राजकीय जवाहर अस्पताल रेफर किया गया है.
घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाए हैं. उनका आरोप है कि स्कूल का गेट 3 साल पहले एक हादसे के बाद से जर्जर था. बार-बार शिकायत के बावजूद मरम्मत नहीं कराई गई. इस कारण अब ये हादसा हुआ है. हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल है. परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल. शिक्षा विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
अशोक गहलोत ने ये कहा : वहीं, इस मामले में कांग्रेस ने सरकार को फिर घेरा है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट किया कि जैसलमेर में स्कूल का गेट गिरने से एक मासूम छात्र की मृत्यु बेहद दुखद है. झालावाड़ दुखांतिका के बाद इस प्रकार से एक बार फिर एक छात्र की मृत्यु होना प्रदेश सरकार के लिए चिंता का विषय होना चाहिए. मुख्यमंत्री से आग्रह है कि शीघ्रता से कदम उठाएं ताकि किसी और मासूम की जान न जाए.
कोई सबक नहीं लिया : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि झालावाड़ की भीषण त्रासदी के आंसू अभी सूखे भी नहीं थे कि अब जैसलमेर से एक और दर्दनाक स्कूली हादसा सामने आया है. जैसलमेर के पूनमनगर में सरकारी स्कूल का प्रवेश द्वार गिरने से एक मासूम की मृत्यु की ख़बर अत्यंत दु:खद एवं पीड़ादायक है. भाजपा सरकार ने झालावाड़ जैसी दुखांतिका से न तो कोई सबक लिया और न ही कोई ठोस और सख्त कदम उठाए.
सभी विद्यालय भवनों की सुरक्षा जांच की जाए : नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि प्रदेश में राजकीय विद्यालयों के भवन जर्जर स्थिति में हैं. झालावाड़ की दुखांतिका के बाद एक बार फिर से इस प्रकार की घटना का घटित होना प्रदेश सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय है. मुख्यमंत्री से आग्रह है कि इस विषय पर तत्काल संज्ञान लेकर प्रदेश के सभी विद्यालय भवनों की सुरक्षा जांच की जाए और जहां भी भवनों की स्थिति खराब हो, वहां शीघ्र मरम्मत की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
25 जुलाई को झालावाड़ में हुआ था हादसा : बता दें कि बता दें कि पीपलोदी में शुक्रवार (25 जुलाई) को प्राथना सभा के पहले स्कूल की बिल्डिंग गिरने से मलबे में कई बच्चे दब गए थे. स्कूल हादसे में 3 बालिकाएं और 4 बालक की मौत हुई थी और कई बच्चे घायल हो गए थे. झालावाड़ में स्कूल में हुए हादसे के बाद अब शिक्षा विभाग पूरे प्रदेश में जर्जर स्कूलों को लेकर गंभीर हो गया है. शासन सचिव के आदेशों के बाद अब हर जिले में जर्जर स्कूलों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है.




















