जयपुर: दो दिन पहले झालावाड़ जिले के मनोहर थाना में स्कूल की छत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद अब चिह्नित जर्जर स्कूलों को जमींदोज करने का फैसला लिया गया है. वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए कंटेनर लगाकर कक्षाएं संचालित की जाएंगी. इसके साथ ही आपदा राहत कोष से 170 तहसीलों के 7500 स्कूलों की मरम्मत की जाएगी. वहीं झालावाड़ हादसे की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद रविवार को दोषी पाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों की खिलाफ शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया.
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि प्रदेश के निजी स्कूलों का भी सर्वे होगा ताकि इन स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. निजी स्कूलों में बच्चों को लाने ले जाने वाले वाहनों की सुरक्षा जांच, वाहन फिटनेस और वाहन चालक की मेडिकल जांच सहित शिक्षा विभाग की ओर से अन्य सुरक्षा मानकों की निगरानी की जाएगी. दुर्घटनाओं में जानमाल का नुकसान ना हो, इसलिए स्कूल विकास और प्रबंधन समितियों को प्राथमिक उपचार और अग्निशमन उपाय का तत्काल प्रशिक्षण दिया जाएगा.
प्रदेश के सभी स्कूलों का अब जिला कलेक्टर के जरिए सर्वे कराया जा रहा है. सर्वे में जो विद्यालय भवन जर्जर अवस्था में पाए जाएंगे, उन भवनों पर लाल रंग से क्रॉस का निशान लगाकर बंद किया जाएगा. जर्जर भवनों को प्राथमिकता के आधार पर जमींदोज किया जाएगा. वहां वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए कंटेनर लगाकर कक्षाएं संचालित की जाएंगी. आवश्यकता अनुसार नए भवनों में भी कंटेनर कक्षा लगाने का विचार किया जाएगा.
एप को शाला दर्पण से जोड़ेंगे: सर्वे के अनुसार सभी जर्जर भवनों और मरम्मत योग्य भवनों का GIS आधारित एप बनाया जाएगा. इसे शाला दर्पण से लिंक किया जाएगा.आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का प्रयोग किया जाएगा. इससे भवन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बजट प्रावधान किए जाएंगे. आपदा प्रबंधन कोष से बरसात की विभीषिका को देखते हुए आपदा राहत मद के तहत 170 तहसीलों के 7500 स्कूलों में मरम्मत के लिए डेढ़ सौ करोड़ रुपए के प्रस्ताव स्वीकृत किए जाएंगे ताकि क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित बनाया जा सके.
क्वालिटी जांच के लिए प्रकोष्ठ: स्कूल भवनों के निर्माण में गुणवत्ता नियंत्रण के लिए समग्र शिक्षा में प्रकोष्ठ बनाया जाएगा. जिलों में होने वाले निर्माण की गुणवत्ता की जांच पीडब्ल्यूडी के गुणवत्ता जांच प्रयोगशालाओं से कराया जाना सुनिश्चित किया जाएगा. घटिया निर्माण रोकने के लिए सख्त प्रावधान करते हुए शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि कार्य की गुणवत्ता घटिया पाए जाने पर निर्माणकर्ता ठेकेदार सहित संबंधित अभियंता की जिम्मेदारी तय कर उनसे वसूली की जाएगी.
20 प्रतिशत राशि मांगी: शिक्षा मंत्री दिलावर ने प्रदेश के सभी विधायकों और प्रदेश के सांसदों से उनके विकास कोष से इस वर्ष की 20% राशि देने की मांग की. साथ ही डांग विकास योजना, मगरा विकास योजना, मेवात विकास योजना में 15% से बढ़कर की गई 20% राशि का भी संबंधित विभाग के मंत्री को पत्र भेजकर मांग की जाएगी.दिलावर ने आगामी दिवसों में दक्षिण पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए क्षेत्र के सभी जिलों में अवकाश करने के लिए जिला कलेक्टरों को अधिकृत कर दिया.
हादसे के दोषी निलंबित: उधर, शिक्षा शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने झालावाड़ हादसे में दोषी पाए गए प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी नरसी मीणा, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार बालासोरिया, पूर्व मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर लुहार, मनोहर थाना पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी मनपसर प्रभुलाल कारपेंटर, समग्र शिक्षा के सहायक अभियंता झालावाड़ और तत्कालीन प्रारंभिक पंचायत शिक्षा अधिकारी राधेश्याम मीणा को जांच विचाराधीन रखते हुए निलंबित कर दिया. मनोहर थाना में संविदा पर लगे कनिष्ठ अभियंता की संविदा समाप्त करने के आदेश दिए.




















