कुचामन सिटी: प्रदेश में मानसून की मेहरबानी का असर जिले में भी देखने को मिला है. डीडवाना कुचामन जिले में इस बार किसानों ने गत वर्ष के मुकाबले रिकॉर्ड बुवाई की है. कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया जिले में कुल 4 लाख 32 हजार हेक्टर में फसलों की बुवाई हुई है. जिसमें मूंग की बुआई 1 लाख 56 हजार 103 हेक्टेयर में, बाजरा 1 लाख 89 हजार, मोठ 685, मूंगफली 34 हजार 971, कपास 2258 हेक्टेयर, ग्वार 48 हजार 226 और तिल की 300 हेक्टेयर में बुवाई हुई है.
किसानों ने कहा कि मानसून से पहले की बारिश बाजरे की बुवाई के लिए वरदान से कम नहीं है. मानसून की बारिश भी जिले में अच्छी हुई है. मानसून की बारिश से मूंग, मोठ, ग्वार, तिल, मूंगफली और अन्य फसलों की बुवाई हुई है. समय-समय पर बारिश आने से पिछले वर्ष की तुलना में इस बार फसलें अच्छी हुई हैं. फसलों से पैदावार भी अच्छी होने की उम्मीद है. अभी तक खेतों में किस तरह की कोई कातर और अन्य कीड़े नहीं लगे हैं. इससे फसल अच्छी होने की उम्मीद है.
हालांकि कुल हेक्टर के लिहाज से देखा जाए, तो बाकी फसलों की बुवाई रिकॉर्ड तोड़ हुई है, लेकिन मोठ की फसल से किसानों का मोहभंग होता नजर आ रहा है. गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष जिले में मोठ की बुवाई 325 हेक्टर कम हुई है, जो चिंता का विषय है. इसका मूल कारण कम फसल होना और उम्मीद के मुताबिक बाजार भाव न मिलना माना जा रहा है. कृषि अधिकारी ने साथ में यह भी बताया कि मूंग, मोठ, बाजरा की फसलों में कुछ किसान अपने खेतों में अनावश्यक रूप से यूरिया खाद डाल रहे हैं. उनसे फसलें खराब हो सकती हैं. अभी मूंग, मोठ, बाजरा की फसलों में यूरिया खाद की जरूरत नहीं है. कुछ किसानों से हमें शिकायत प्राप्त हुई थी कि उनकी फसलों में कीड़े लग गए हैं. किसानों को अपने खेतों में छिड़काव के लिए दवाई उपलब्ध करवा दी गई है, जिसे कातर और अन्य कीड़े नष्ट हो जाएंगे.




















