चित्तौड़गढ़: जिले के कनेरा थाना क्षेत्र में मुखबिरी की शक में युवक का अपहरण एवं हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया. आरोपियों ने सबूत मिटाने की नीयत से शव जलाकर राख और अन्य अवशेष तालाब में फेंक दिए थे. इस मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया. इनसें पूछताछ जारी है.
पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि कनेरा थाने के श्रीपुरा निवासी लाभचंद धाकड़ ने रिपोर्ट दी कि 25 अप्रैल की शाम वह व उसका पुत्र कालूराम घर पर थे, तभी देणीपुरिया निवासी सुनील धाकड़ दो-तीन साथियों के साथ आया व बेटे कालूराम को घर के बाहर बुलाया. उनकी मुखबिरी करने का आरोप लगाया व जबरदस्ती उसे कार में बिठाकर ले गए. इसके आधे घंटे बाद दो और व्यक्ति घर आए व उनसे कालूराम का मोबाइल मांगा तो मना कर दिया. इस पर इन्होंने धमकाया कि मोबाइल नहीं दोगे तो तुम्हारे बेटे को जान से हाथ धोना पड़ेगा. धमकाकर बेटे का मोबाइल ले गए. उसके बाद से कालूराम नहीं लौटा. काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला. इस संबंध में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान किया.
कनेरा थानाधिकारी महेन्द्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू की. वारदात में मुख्य आरोपित मन्नालाल उर्फ सुनील धाकड़ निवासी वेणीपुरिया को गिरफ्तार किया. पूछताछ में सुनील ने बताया कि उसने व साथियों ने कालूराम का मुखबिरी के शक पर अपहरण कर केली ले गए, जहां खेतों में मारपीट की तो कालूराम बेहोश हो गया. फिर दम तोड़ दिया तो शव घाटारानी के जंगल में पटक दिया. दूसरे दिन उसके साथी राजेश गुर्जर, गणेश मारवाड़ा, निर्भयराम उर्फ कालू कच्छावा के साथ में जाकर लाश पर लकड़ी, कपूर, पेट्रोल तथा सोल्युशन डालकर जला दिया. राख को कट्टे में भर कर मध्यप्रदेश के सीमावर्ती सरोदा के तालाब में बहा आए. एसपी ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने अब तक कनेरा थाने के वेणीपुरिया निवासी मन्नालाल उर्फ सुनील धाकड, रावलिया के राजेश गुर्जर, मध्यप्रदेश के नीमच में मेघपुरा निवासी निर्भयराम उर्फ कालू कच्छावा, कनेरा के शाहरूख पठान व अब्दुल मलिक शाह तथा निंबाहेड़ा कोतवाली थाना इलाके के केली निवासी हरिओम पाटीदार को गिरफ्तार किया.
एफएसएल की सहायता से जुटाए साक्ष्य: एसपी त्रिपाठी ने बताया कि आरोपियों के कबूलनामे के बाद साक्ष्य जुटाए गए. आरोपियों की निशानदेही से जिस स्थान पर शव जलाया व जिस तालाब में राख बिखेरी, वहां एफएसएल टीम की मदद से सबूत जुटाए. अग्रिम अनुसंधान जारी है. गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया. अन्य आरोपियों की तलाश है.
मादक पदार्थों में मुखबिरी की आशंका: इधर, चित्तौड़गढ़ पुलिस ने खुलासा नहीं किया कि कालूराम पर किस मामले में मुखबिरी की शंका थी, लेकिन आशंका है कि मादक पदार्थ तस्करी मामले में मुखबिरी का आरोप लगाकर उसकी हत्या की गई है. कनेरा क्षेत्र में अफीम की खेती अच्छी होती है. बड़ी संख्या में किसानों के अफीम के लाइसेंस हैं. इस क्षेत्र से मादक पदार्थों की तस्करी काफी होती है. पुलिस एवं नारकोटिक्स की टीमें भी कई बार कार्रवाई करती है. आशंका है कि मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर युवक कालूराम की हत्या की गई है.




















