जयपुर: जिले के जमवारामगढ़ थाना क्षेत्र के दीपोला गांव में पिता द्वारा बोरवेल में फेंके गए डेढ़ साल के मासूम बेटे के शव को एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमों ने 16 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शुक्रवार सुबह बाहर निकाला. आरोपी ललित सैनी ने बालक को 200 फीट गहरे बोरवेल में फेंक दिया था, जहां मासूम 90 फीट की गहराई में फंस गया था. गुरुवार को मामला सामने आने के बाद पुलिस ने रेस्क्यू टीमों को बुलाकर ऑपरेशन शुरू किया था. आरोपी को हिरासत में लिया गया है.
जमवारामगढ़ डीएसपी प्रदीप यादव ने बताया कि आरोपी ललित शराब का आदी है. पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद भी चल रहा था. इस कारण वह तनाव में था. पुलिस यह जांच कर रही है कि बच्चे को जीवित अवस्था में बोरवेल में फेंका गया था या हत्या के बाद उसका शव डाला गया था. उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की 50 से अधिक सदस्यों की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. गुरुवार को शुरू हुए ऑपरेशन के बाद शुक्रवार सुबह बच्चे का शव बाहर निकाला गया. शव को मॉर्चरी में रखवाया गया है, जहां मेडिकल बोर्ड पोस्टमार्टम करने के बाद उसे परिजनों को सौंपा जाएगा.
पुलिस ने आरोपी को लिया हिरासत में: पुलिस ने आरोपी पिता ललित सैनी को हिरासत में ले लिया है. ललित दीपोला गांव में अपने परिवार के साथ रहता है और उसके तीन बच्चे हैं. जिस बच्चे को बोरवेल में फेंका गया, वह उसका सबसे छोटा बेटा डेढ़ वर्षीय राम था. पिछले कुछ महीनों से ललित और उसकी पत्नी के बीच तनाव चल रहा था. एक महीने पहले झगड़े के बाद पत्नी तीनों बच्चों को छोड़कर मायके चली गई थी. इसके बाद ललित अकेले ही तीनों बच्चों का पालन पोषण कर रहा था.
नशे में घर में सो रहा था: बुधवार रात को ललित ने अपने परिजनों को बताया कि उसने राम को सफेद कपड़े में लपेटकर बोरवेल में फेंक दिया है. इस पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस जब उसके पास पहुंची तो वह शराब के नशे में धुत होकर सो रहा था. पुलिस ने उससे बच्चों के बारे में पूछा तो उसने बताया कि पत्नी के छोड़कर जाने से वह तनाव में चल रहा था. बेटा राम बीमार हो गया था. वह उसे डॉक्टर के पास भी ले गया, लेकिन उसका शरीर ठंडा पड़ गया. उस समय वह नशे में ही था. नशे की हालत में उसने बेटे को पास में ही एक बोरवेल पर रखे पत्थर को हटाकर उसमें फेंक दिया.
90 फीट गहराई में फंसा बच्चा: पुलिस उपाधीक्षक यादव ने बताया कि इसके बाद एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर बुलवाकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया. इसके बाद पता चला कि बच्चा 90 फीट की गहराई में फंसा हुआ है. रेस्क्यू टीम ने 16 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शुक्रवार सुबह बच्चे के शव को बाहर निकाल लिया. शव को तुरंत नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.




















