बीकानेर: राजस्थान में सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों को लेकर शिक्षा विभाग एक बार फिर सक्रिय हो गया है. शुक्रवार को झालावाड़ जिले के मनोहरथाना उपखंड के पीपलोदी गांव में एक सरकारी स्कूल की छत गिरने की घटना के बाद शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से तुरंत रिपोर्ट मांगी है. प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने प्रदेश के सभी संयुक्त निदेशकों को पत्र लिखकर क्षतिग्रस्त भवनों की जानकारी अविलंब भिजवाने के निर्देश दिए हैं.
गौरतलब है कि मानसून की शुरुआत के साथ ही विभाग की ओर से पहले भी पत्र जारी कर जिलों से क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों की सूचना मांगी गई थी, लेकिन अधिकांश जिलों ने अब तक जानकारी नहीं भेजी. इस लापरवाही के चलते विभाग के पास सही स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी. शुक्रवार को हुए हादसे के बाद विभाग ने पुराने पत्र का हवाला देते हुए फिर से जानकारी तलब की है.
विभाग ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट केवल दो पंक्तियों में मांगी गई है, जिसमें जिले का नाम, क्षतिग्रस्त स्कूल का नाम और जिन स्कूलों की छत से बारिश का पानी टपकता है, उनका स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए. यह जानकारी एक तय प्रारूप में तत्काल ईमेल के माध्यम से मुख्यालय भिजवाने को कहा गया है.
7 बच्चों की मौत: बता दें कि झालावाड़ जिले के पीपलोदी गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई, घटना के वक्त कक्षा में 32 बच्चे मौजूद थे. टीचर को भी इसमें चोट लगी है. घायल 25 बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. हादसे में चार बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो बच्चों की अकलेरा अस्पताल तथा एक बालिका की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई.




















