जयपुर: करगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में राजस्थान विधानसभा परिसर में करगिल शौर्य वाटिका स्थापित की गई. यहां 1100 पौधे लगाए गए. विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के नेतृत्व में गुरुवार को हरियाली अमावस्या के अवसर पर पौधरोपण कार्यक्रम हुआ. इस मौके पर सिंदूर सहित पांच प्रजातियों के पौधे रोपे गए. इसके साथ ही करगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की वीरांगनाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया.
विधानसभा परिसर में बनाई गई शौर्य वाटिका में विधानसभा अध्यक्ष देवनानी के साथ 21 वीरांगनाओं ने भी पौधरोपण किया. इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा, सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजौर सहित अनेक विधायकों ने भी पौधे लगाए.
पांच प्रजातियों के पौधे लगाए: विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने बताया कि यह वाटिका करगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की स्मृति में स्थापित की गई है. इसमें सिंदूर, एरिका पाम, सांग ऑफ इंडिया, किसना फाइकस और क्रोटोन जैसी प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं. देवनानी ने कहा कि ये पौधे वायु प्रदूषण को कम करने के साथ-साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता के प्रतीक हैं. इनकी पत्तियों का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा में भी होता है.
वीरांगनाओं का सम्मान: देवनानी ने बताया कि करगिल विजय दिवस के अवसर पर ऑपरेशन विजय (1999) में शहीद हुए वीर सैनिकों की 21 वीरांगनाओं को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया. ये वीरांगनाएं सीकर, झुंझुनू, चूरू, जयपुर, कोटपूतली और बहरोड़ जिलों की निवासी हैं.
शहीदों को समर्पित शौर्य वाटिका: देवनानी ने कहा कि 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सेना के साहस और बलिदान को यह वाटिका समर्पित है. यह समाज में ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को मजबूत करने और युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम है.




















