जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने करौली नगर परिषद की निलंबित सभापति रशीदा खातून को राहत देने से इनकार कर दिया.अदालत ने नोटिस और निलंबन को चुनौती देने वाली खातून की याचिकाएं भी खारिज कर दी. खातून ने याचिका में कहा था कि उसे राजनीतिक द्वेषता के चलते निलंबित किया गया है.
जस्टिस अनूप कुमार ढंड ने रशीदा खातून की नोटिस और निलंबन को चुनौती वाली याचिकाएं खारिज की. याचिका में कहा गया कि उसे सियासी द्वेष के चलते निलंबित किया गया. प्रदेश में सरकार बदलने के बाद उस पर झूठे आरोप लगाए और बिना विधिक प्रक्रिया अपनाए मनमाने तरीके से निलंबित किया गया. इसका विरोध करते हुए राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता जीएस गिल ने कहा कि याचिकाकर्ता पर पद का दुरुपयोग कर पट्टा जारी करने का आरोप है. मामले में स्वायत्त शासन विभाग ने एडीएम से जांच कराई थी. एडीएम ने जांच में अनियमितता और पद के दुरुपयोग के आरोप को सही माना था. ऐसे में न्यायिक जांच के प्रभावित होने की आशंका को देखते याचिकाकर्ता को जुलाई, 2024 में तय प्रक्रिया का पालन करते हुए वार्ड पार्षद और सभापति पद से निलंबित किया गया.




















