बाड़मेर: बीते दिनों फतेहगढ़ में कांग्रेस की ‘थार की अपणायत’ यात्रा के दौरान पोकरण विधायक एवं तारातरा मठ के गादीपति महंत प्रतापपुरी महाराज पर जैसलमेर से कांग्रेस के पूर्व विधायक गोवर्धन कल्ला के पुत्र ने अमर्यादित टिप्पणी की थी. इस टिप्पणी को लेकर संत समाज में भारी आक्रोश है. इसके विरोध में बुधवार को बाड़मेर में बड़ी संख्या में संत समाज के साथ सर्व समाज के लोग सड़कों पर उतरे और रैली निकालकर कलेक्टर टीना डाबी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा. इससे पहले शहर के पनघट रोड पर गंगागिरी मठ में संतों की एक बैठक हुई, जिसमें महंत प्रतापपुरी को लेकर की गई टिप्पणी की घोर निंदा की गई.
चौहटन मठ के महंत जगदीशपुरी महाराज ने बताया कि यह घटना जैसलमेर के बासनपीर में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर छतरियों के निर्माण को लेकर हुए विवाद के बाद हुई. यहां कांग्रेस नेताओं ने बाड़मेर से बासनपीर के लिए ‘थार की अपणायत’ के नाम से यात्रा निकाली थी. बासनपीर में धारा 163 लागू होने के कारण पुलिस और प्रशासन ने उन्हें अनुमति नहीं दी. उनकी यात्रा को फतेहगढ़ के पास ही रोक दिया गया था. यहां भाषण के दौरान जैसलमेर के पूर्व विधायक गोवर्धन कल्ला के पुत्र राधेश्याम कल्ला ने पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी महाराज के प्रति सार्वजनिक रूप से अमर्यादित टिप्पणी की. इस टिप्पणी से न केवल एक संत का सम्मान तार-तार हुआ, बल्कि सम्पूर्ण संत परम्परा, भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों को भी ठेस पहुंची.
संत के सामने मांगे माफी: महंत जगदीशपुरी ने कहा कि इस घटना को लेकर संत समाज सहित सर्व समाज के लोगों में गहरी नाराजगी है. इस घटना के बाद पूर्व विधायक के पुत्र राधेश्याम ने वीडियो जारी कर माफी मांगी, लेकिन संत समाज संतुष्ट नहीं है. वे चाहते हैं कि राधेश्याम कल्ला तारातरा मठ की बाड़मेर, बालोतरा और जैसलमेर जिलों में स्थित 140 शाखाओं में से किसी एक में जाकर संत के सामने माफी मांगे.
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, बायतु विधायक हरीश चौधरी, पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी सहित कई कांग्रेस नेता अपणायत यात्रा के तहत बाड़मेर से बासनपीर के लिए रवाना हुए थे. इस दौरान जैसलमेर से कांग्रेस के पूर्व विधायक गोवर्धन कल्ला के पुत्र राधेश्याम कल्ला ने महंत प्रतापपुरी के खिलाफ अमर्यादित बयान दिया था.




















