राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर ने बुधवार को राज्य के 6 जिलों में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं तेज बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट अजमेर, अलवर, सवाई माधोपुर, नागौर, भरतपुर और करौली जिलों के लिए है। हालांकि, 24 और 25 जुलाई को मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। वहीं 27 जुलाई से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला शुरू होने की संभावना जताई गई है।
अजमेर जिले के अरांई क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां मंगलवार को दो बच्चे एक पौंड में डूब गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब बच्चे बारिश के पानी से भरे गड्ढे में खेल रहे थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
नागौर जिले की खींवसर ग्राम पंचायत में हालात इतने खराब हो गए हैं कि रास्तों पर घुटनों तक पानी भर गया है। मंगलवार को जब एक व्यक्ति की अंत्येष्टि के लिए शव को श्मशान ले जाया जा रहा था, तो लोगों को पानी में से होकर अर्थी ले जानी पड़ी। यह तस्वीरें प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े करती हैं।
जोधपुर संभाग के बालोतरा के डडांली गांव के पास मंगलवार सुबह बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां लूणी नदी में अचानक आए तेज बहाव के कारण एक मिनी बस फंस गई, जिसमें 6 से ज्यादा लोग सवार थे। यह बस बायतु से करना भूखा भगत सिंह रूट पर जा रही थी। मौके पर पहुंची राहत टीम ने क्रेन की मदद से बस को सुरक्षित बाहर निकाला।
सवाई माधोपुर से करौली और हाड़ौती के सपोटरा मार्ग पर भारी बारिश के कारण जलभराव हो गया है। भूरी पहाड़ी के पास बह रही बनास नदी की पुलिया तेज बहाव में बह गई, जिससे मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। इससे आमजन की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है।
पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। अलवर के बहादुरगढ़ में सबसे ज्यादा 70 मिमी बारिश हुई, जबकि खैरथल में 63 मिमी, मुंडावर में 51 मिमी और अलवर शहर में 64.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। करौली में 25 मिमी, उदयपुर में 35 मिमी और सवाई माधोपुर के खंडार में 64 मिमी बरसात दर्ज की गई।
भरतपुर के डीग में 60 मिमी, रूपवास में 22 मिमी, हनुमानगढ़ के भादरा में 25 मिमी, चूरू के सादुलशहर में 14 मिमी, जयपुर के आंधी में 16 मिमी और तूंगा में 18 मिमी बारिश हुई।
मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जो अगले 24-36 घंटे में लो-प्रेशर सिस्टम में बदल सकता है। इसके प्रभाव से 27 से 30 जुलाई के बीच राजस्थान में भारी बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इस दौरान कोटा संभाग में कहीं-कहीं अति भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि जयपुर, भरतपुर और उदयपुर संभाग में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
एक ओर जहां पूर्वी राजस्थान में बारिश ने राहत दी है, वहीं पश्चिमी हिस्सों में गर्मी और उमस ने फिर से परेशान करना शुरू कर दिया है। श्रीगंगानगर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जैसलमेर में 36.5, बाड़मेर में 36.4, बीकानेर में 35.5 और जयपुर में 35 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।
राजस्थान में मानसून की वापसी के संकेत मिलने लगे हैं। राज्य के कई जिलों में जहां बारिश राहत लेकर आई है, वहीं जलभराव और हादसों ने चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर प्रशासन को अलर्ट रहने की जरूरत है, ताकि आगामी भारी बारिश में किसी भी तरह की जनहानि न हो सके।




















