जोधपुर: एनएसयूआई के छात्र नेताओं ने मंगलवार को जोधपुर में छात्र चेतना यात्रा का आयोजन किया जिसका उद्देश्य प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव की बहाली करवाना है. यह क्रम लगातार प्रदेश के सभी महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में जारी रहेगा. जोधपुर में छात्र चेतना यात्रा सनातन थीम पर निकाली गई, छात्र-छात्राएं भगवान शिव, हनुमान जी, रामकृष्ण और अन्य देवी-देवताओं के स्वांग धरकर शामिल हुए.
जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय छात्र प्रतिनिधि महेंद्र चौधरी और राजस्थान विश्वविद्यालय छात्र प्रतिनिधि अभिषेक रॉयल के नेतृत्व में इस यात्रा में छात्रों ने छात्रसंघ चुनाव तत्काल प्रभाव से बहाल करने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट घेराव किया गया. जिला प्रशासन को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया.
इस यात्रा में शामिल हुए एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक चौधरी ने बताया कि राजनीति की प्रथम सीढ़ी छात्र राजनीति होती है. एसे में सरकार द्वारा चुनाव नहीं करवाए जाना छात्रों के हितों पर कड़ा कुठाराघात है. क्योंकि इस सरकार के नेता कहते हैं कि हम भगवान के भरोसे काम करते हैं. इसलिए श्रावण मास में भगवान शिव एवं अन्य देवताओं का स्वांग रचकर छात्रों ने अपनी मांग रखी है. इससे शायद सरकार छात्रसंघ चुनाव बहाल कर दे. एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव एवं महाराष्ट्र की प्रभारी कांता ग्वाला ने कहा कि हमारी मांग है कि पर्ची सरकार यह चुनाव बहाल करे.
शेखावत ने कहा था भगवान और भाजपा की राशि एक: गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कुछ दिनों पहले जोधपुर में यह बयान दिया था कि भाजपा, भजनलाल और भगवान तीनों की राशि एक ही है. हमारी सरकार कल्याण के काम करती है. जबकि कांग्रेस की राशि काल और अकाल से मिलती है. इसलिए जब कांग्रेस का शासन होता है, तो अकाल पड़ता है. शेखावत के बयान को ही एनएसयूआई के नेताओं ने अब हथियार बना लिया.
2023 से नहीं हुए छात्रसंघ चुनाव: प्रदेश के विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में आखिरी बार 2022 में छात्रसंघ चुनाव हुए थे. इसके बाद 2023 में गहलोत सरकार ने चुनाव नहीं करवाए. यह सिलसिला अभी तक जारी है. 2023 में सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार ने अब तक चुनाव कराने का फैसला नहीं लिया है. अब 2025 में छात्र संगठन चुनाव की मांग को लेकर सक्रिय हो गए हैं क्योंकि राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव अगस्त-सितंबर में होते आए हैं.
एबीवीपी ने किया एनएसयूआई के खिलाफ प्रदर्शन: उड़ीसा में छात्रा के साथ दुष्कर्म मामले में एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष का नाम आने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय पर प्रदर्शन किया. इस दौरान छात्रों ने एनएसयूआई के खिलाफ नारेबाजी कर उड़ीसा सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की.




















