जयपुर: प्रदेश में पिछले डेढ़ साल से निकाय-पंचायत चुनाव को लेकर हो रहा इंतजार अब खत्म हो सकता है. इस साल के अंत तक निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं. पंचायत के पुनर्गठन को लेकर गठित कैबिनेट सब कमेटी की बैठक के बाद मंत्री अविनाश गहलोत ने इसके संकेत दिए.
कैबिनेट सब कमेटी के सदस्य गहलोत ने कहा कि पंचायत पुनर्गठन को लेकर कई बार बैठकें हो चुकी हैं. जिला परिषद, पंचायत समिति और पंचायत को पुनर्गठन को लेकर जो निर्देश सरकार की ओर से जारी किए गए थे. उसको देखते हुए कमेटी ने सभी पहलुओं पर अच्छे से विचार किया है और आगामी दिनों में भी सब कमेटी की एक और बैठक आयोजित होगी और 15 दिनों के बाद समिति अपने रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप देगी. मुख्यमंत्री की हरी झंडी के बाद पंचायत जिला परिषदों के पुनर्गठन हो जाएगा.
वन स्टेट वन इलेक्शन इलेक्शन की कवायद!: मंत्री ने यह भी साफ किया कि अगर सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो दिसंबर तक प्रदेश में पंचायत निकायों के चुनाव एक साथ हो सकते हैं. इससे न सिर्फ प्रशासनिक काम में समन्वय बेहतर होगा बल्कि चुनावी खर्च और संसाधनों की भी बचत होगी. मंत्री ने कहा कि अगर सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो दिसंबर तक प्रदेश में पंचायत निकायों के चुनाव एक साथ हो सकते हैं. इससे न सिर्फ प्रशासनिक काम में समन्वय बेहतर होगा बल्कि चुनावी खर्च और संसाधनों की भी बचत होगी. वहीं दिसंबर माह में पंचायत और निकाय चुनाव एक साथ कराए जाने की सरकार की इस मंशा को वन स्टेट वन इलेक्शन इलेक्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है. सरकार पूर्व में ही वन स्टेट वन इलेक्शन की घोषणा कई बार कर चुकी है.
बैठक में अब तक के रिकॉर्ड पर हुई चर्चा: इससे पहले पंचायत के पुनर्गठन के लिए गठित कैबिनेट सब कमेटी की बैठक मदन दिलावर की अध्यक्षता में आयोजित हुई. बैठक में मंत्री अविनाश गहलोत और जवाहर सिंह बेढम भी मौजूद रहे, तो वहीं पंचायत राज विभाग के सचिव डॉ जोगाराम भी बैठक में मौजूद रहे. इस दौरान पंचायत के पुनर्गठन को लेकर विभाग की ओर से अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पर बैठक में मंथन हुआ. साथ ही जहां पुनर्गठन का काम बचा हुआ है, उसे भी जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.
विपक्ष के निशाने पर लगातार सरकार: वहीं पंचायत और निकायों के चुनाव नहीं करने को लेकर सरकार विपक्षी नेताओं के निशाने पर है. विपक्ष लगातार सरकार पर आरोप लगा रहा है कि निकाय-पंचायत का कार्यकाल पूरा हुए डेढ़ साल का समय बीत चुका है, लेकिन सरकार चुनाव नहीं कर कर संविधान का उल्लंघन कर रही है. हाल ही में कांग्रेस ने इस मामले को लेकर पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतरने की बात भी कही है.




















