Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

नरेश मीणा बेल प्रकरण : जमानत का राज्य सरकार ने नहीं किया विरोध, छिड़ी बहस

जयपुर: देवली-उनियारा विधानसभा उप चुनाव के दौरान समरावता में हुए उपद्रव और हुए थप्पड कांड के लेकर जेल में बंद रहे नरेश मीणा की जमानत को लेकर नया खुलासा हुआ है. आमतौर पर आरोपियों की जमानत याचिकाओं का राज्य सरकार विरोध करती आई है, लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से हाल ही में आरोपी नरेश मीणा को मिली जमानत राज्य सरकार की सहमति से हुई है. हाईकोर्ट का जमानत आदेश सार्वजनिक होने के बाद इस नए तथ्य का खुलासा हुआ है.

हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार नरेश मीणा की तीसरी जमानत याचिका का सरकारी वकील नरेंद्र सिंह धाकड़ ने विरोध नहीं किया. सरकारी वकील ने कहा कि आरोपी को लंबे समय तक जेल में बंद रहने और मुकदमे की सुनवाई पूरी होने में लगने वाले लंबी अवधि को देखते हुए वे जमानत याचिका का विरोध नहीं कर रहे हैं. जमानत याचिका में राज्य सरकार के इस स्टैंड को लेकर वकीलों में काफी चर्चाएं हैं. वकीलों का कहना है कि क्या ऐसी सुविधा सिर्फ राजनीति से जुड़े लोगों के लिए ही है, क्योंकि आज भी दर्जनों आरोपी कई सालों से जेल में बंद हैं. जबकि इस मामले में नरेश मीणा बीते 15 नवंबर से ही न्यायिक अभिरक्षा में है.

Advertisement Box

इस संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ता अजय कुमार जैन का कहना है कि अगर राज्य सरकार अन्य आपराधिक मामलों में भी ऐसा करे तो इससे जेल खाली हो जाएंगे और आमजन में भी यह संदेश जाएगा की सरकार सिर्फ राजनीतिक लोगों का ही पक्ष नहीं लेती है. दूसरी ओर अधिवक्ता विजय पाठक का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ हुए अपराध राज्य सरकार के खिलाफ अपराध माना जाता है और राज्य सरकार ही अपराधी को दंडित करने का काम करती हैं ऐसे में यदि नरेश मीणा के मामले में राज्य सरकार के स्टैंड का सही माना जाता है तो फिर सरकार अन्य जमानतों के मामले में ऐसा क्यों नहीं करती. इसी मामले में सरकारी वकील ने गत 14 फरवरी और 30 मई को नरेश मीणा की जमानत याचिका का विरोध किया था.

देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान चर्चित एसडीएम थप्पड़ कांड और उसके बाद हुई हिंसा और आगजनी के मामलों में गिरफ्तार नरेश मीणा को करीब आठ महीने बाद रिहाई मिली है. नरेश मीणा को 14 नवम्बर 2024 को गिरफ्तार किया गया था. उनके खिलाफ मुकदमा संख्या 166/24 और 167/24 दर्ज हुए थे. ये मुकदमे मतदान के दिन हुए विवाद, हिंसा और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में दर्ज किए गए थे. उसके बाद हाईकोर्ट से कुछ शर्तों के साथ उन्हें जमानत दी गई.

जमानत की शर्तों में शामिल है :-

  • रिहाई के बाद नरेश मीणा किसी जुलूस या जश्न में शामिल नहीं हो सकेंगे.
  • उन्हें हर महीने 25 तारीख को नगरफोर्ट थाने में हाजिरी देनी होगी.
  • किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि में शामिल होने पर जमानत रद्द की जा सकती है.

क्या था एसडीएम थप्पड़ कांड : देवली-उनियारा उपचुनाव के मतदान के दिन मतदान केंद्र पर प्रशासन और कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हुआ था. आरोप है कि इसी दौरान नरेश मीणा ने एसडीएम को थप्पड़ मार दिया. इसके बाद उनके समर्थकों ने हिंसा और आगजनी की. इस घटना के बाद पुलिस ने कई लोगों पर मुकदमे दर्ज किए थे और नरेश मीणा को मुख्य आरोपी मानते हुए गिरफ्तार कर लिया था. यह मामला पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बन गया था.

Best Service Providers Near You
भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के बाद कांग्रेस ने संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। क्या सरकार को इस पर विचार करना चाहिए?

Aries Rashifal
मेष
taurus Rashifal
वृषभ
gemini Rashifal
मिथुन
cancer Rashifal
कर्क
leo Rashifal
सिंह
virgo Rashifal
कन्या
libra Rashifal
तुला
scorpion Rashifal
वृश्चिक
sagittarius Rashifal
धनु
capricorn Rashifal
मकर
aquarius Rashifal
कुंभ
pisces Rashifal
मीन
Advertisement Box

और भी पढ़ें