जयपुर: दुर्लभ बीमारियों (Rare Diseases) के इलाज में राजस्थान का जेके लोन अस्पताल नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. यह प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल है, जहां अब तक आधा दर्जन से अधिक ऐसी गंभीर बीमारियों का सफल इलाज किया जा चुका है, जिनके दुनियाभर में गिने-चुने मामले ही सामने आए हैं. हाल ही में अस्पताल के डॉक्टरों ने जीन म्यूटेशन से जुड़ी एक अत्यंत दुर्लभ बीमारी का इलाज किया है. पूरी दुनिया में अब तक इस बीमारी के केवल 12 मामले ही रिपोर्ट किए गए हैं.
ऐसी बीमारियों के इलाज के लिए जेके लोन अस्पताल में ‘डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल जेनेटिक्स’ विभाग शुरू किया गया है. अप्रैल में शुरू हुए इस विभाग ने अब तक सैकड़ों मरीजों का इलाज किया है. विभाग के प्रभारी और वरिष्ठ शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियांशु माथुर ने बताया कि अस्पताल में सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को मेडिकल जेनेटिक्स की ओपीडी चलती है, जबकि गुरुवार को ‘रेयर डिजीज क्लिनिक’ संचालित किया जाता है.
इन दुर्लभ बीमारियों का हो रहा इलाज:
- ड्यूचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी
- स्पाइनल मस्कुलर अट्रोफी
- म्यूकोपॉलीसेकेराइडोसिस
- क्रेनियोसिनोस्टोसिस
- माइक्रोडिलीशियन सिंड्रोम
- माइटोकॉन्ड्रियल डिसऑर्डर
- ऑस्टियोजेनेसिस इम्परफेक्टा
- ग्लाइकोजन स्टोरेज डिसॉर्डर
सस्ता और सुलभ इलाज: निजी अस्पतालों में इन बीमारियों का इलाज लाखों रुपए में होता है. वहीं जेके लोन अस्पताल में कुछ दवाएंं महज 400-500 रुपए प्रति माह में उपलब्ध है. यह अस्पताल न केवल राजस्थान, बल्कि मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और हरियाणा के मरीजों के लिए भी एक बड़ी राहत बनकर उभरा है.
पांच सौ से अधिक मरीजों का इलाज: डॉ माथुर ने बताया कि प्रति सप्ताह 125 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं. अब तक 500 से अधिक दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित मरीजों का इलाज किया जा चुका है. राज्य सरकार ने ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने के लिए 22 करोड़ रुपए और ‘बाल संबल योजना’ के तहत 50 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है.




















