जयपुर : राजस्थान में बीते दिनों जयपुर, अलवर और बीकानेर में सीवरेज सफाई के दौरान दुर्घटना में हुई मौतों के बाद यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने अब नए और सख्त नियम बनाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही इस संबंध में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को नोटशीट भी भेजी है. इसके साथ ही सोमवार को रुडसिको की बोर्ड मीटिंग में सीवर लाइन डालने से पहले सुरक्षा और समयबद्धता की प्लानिंग करने के भी निर्देश दिए ताकि किसी भी तरह जानमाल का नुकसान ना हो. वहीं, अधिकारियों को चेताया कि इस काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
कर्मचारियों को जबरदस्ती या लालच देकर उतारा : यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने आधुनिक तकनीक और मैकेनाइज्ड क्लीनिंग की सुविधा होने के बावजूद मैनहोल में कर्मचारियों को उतारे जाने पर आपत्ति जताई. हालांकि, ये काम किसी भी सरकारी संस्थान की ओर से नहीं कराने की बात भी कही. उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग सभी नगर निगमों के पास सुपर सकर मशीन है. उनसे से ही सीवरेज लाइन की सफाई कराते हैं. बीते दिनों जितनी भी दुर्घटनाएं हुई हैं, वो किसी भी सरकारी संस्थान की ओर से करवाए काम में नहीं हुई. वे निजी क्षेत्र के निजी सेप्टिक टैंकों में हुई है. अब इसमें या तो कर्मचारियों को जबरदस्ती उतारा या लालच देकर उतारा गया, लेकिन तीनों दुर्घटनाओं का सरकार के किसी निकाय से संबंध नहीं हैं. हालांकि, ये दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है. इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं. नए नियम बनाने के मुख्यमंत्री को नोटशीट भी भिजवाई है. उम्मीद करेंगे कि आने वाले समय में ऐसी दुर्घटनाएं ना हो, इसके सख्त नियम बनाए जाएंगे.
यूडीएच मंत्री ने सोमवार को रुडसिको की 60वीं बोर्ड बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स और सीवेज के काम की प्लानिंग आमजन की जरूरतों, सुरक्षा और सुव्यवस्थित नगरीय विकास को ध्यान में रखकर की जाए. सीवेज का काम शुरू करने से पहले ही उसकी निर्माण अवधि, गुणवत्ता और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते कार्ययोजना बनाएं ताकि जानमाल का नुकसान ना हो. सीवेज के इनलेट और आउटलेट के निर्माण का विशेष ध्यान रखा जाए. सीवरेज ड्रेनेज परियोजना की डीपीआर निर्माण के समय विशेष ध्यान रखें और क्रियान्वयन में कमी न छोड़ें. उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि डीपीआर की शुद्धता और क्रियान्वयन संबंधी तकनीकी अधिकारी उत्तरदायी होंगे. इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों को भी नोटिस जारी कर जुर्माना लगाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी कोई समस्या ना आए.




















