कोटा : राजस्थान में इस बार मानसून शुरुआत से ही अच्छा रहा है, जिससे अच्छी खासी बारिश हो रही है. अलग-अलग इलाकों में बारिश का क्रम जारी है. प्रदेश में जून में तो झमाझम थी ही, जुलाई में भी बारिश अच्छी हो रही है. फिलहाल कुछ दिनों के लिए बारिश का क्रम थमा है, लेकिन इस बार जून और जुलाई में अच्छी बारिश के चलते ही डैम में पर्याप्त पानी की आवक हो गई है. प्रदेश में 693 के आसपास छोटे-बड़े बांध हैं. इनमें 176 डैम फुल हो गए हैं, जबकि 366 डैम ऐसे हैं, जिनमें आधे से ज्यादा पानी आ गया है. वहीं, 151 अभी आधे से ज्यादा खाली हैं.
प्रदेश में अधिकांश बांधों की यह स्थिति अगस्त के अंतिम और सितंबर की शुरुआत में होती है, लेकिन इस बार जुलाई के तीसरे सप्ताह में ही सारे डैम लगभग भर गए हैं. करीब सवा महीने पहले इनमें अच्छी तादाद में पानी आ गया है. पूरे राजस्थान के बांधों की बात की जाए तो इनकी 13026.51 मिलियन क्यूबिक मीटर क्षमता है. इनमें वर्तमान में 8928.93 एमसीएम पानी आ गया है. यह बांध करीब 68.54 फीसदी भरे हुए हैं, जबकि बीते साल में 4659.84 एमसीएम यानी 35.77 फीसदी पानी ही 21 जुलाई 2024 के दिन था. ऐसे में इस बार बीते साल से दोगुना पानी इन डैम में है.
कोटा के डैम 85 फीसदी भरे : जल संसाधन विभाग ने इन 286 डैम को 6 जोन में बांटा हुआ है, जिनमें सबसे ज्यादा कोटा संभाग के डैम में करीब 85 फीसदी पानी है. जल संसाधन विभाग की सहायक अभियंता और फ्लड कंट्रोल रूम की प्रभारी नीतिका पारेता का कहना कि 81 बांधों की बात की जाए तो इनमें से 38 पूरी तरह से फुल हो गए हैं. इनमें 49 बड़े डैम में से 25 और 32 छोटों में से 13 डैम भर गए हैं. इन बांधों से पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है या ओवरफ्लो होकर निकल रहा है, जबकि कोटा संभाग के 81 बांधों की कुल क्षमता 4475.53 मिलियन क्यूबिक मीटर है. इनमें 3780 एमसीएम पानी मौजूद है. ये डैम 85 फीसदी भरे हुए हैं, जबकि बीते साल 2024 में जुलाई के तीसरे सप्ताह तक 57 फीसदी ही पानी था. डैम में मौजूद पानी और क्षमता के मामले में कोटा संभाग प्रदेश में सबसे अव्वल है.
जयपुर के बांधों में बीते साल की अपेक्षा तीन गुना पानी : जल संसाधन विभाग के आंकड़े के अनुसार दूसरे नंबर पर क्षमता के मामले में बांसवाड़ा जोन में 64 डैम है, जहां की क्षमता 2766.06 है. यहां पर 1820.88 एमसीएम पानी ही डैम में है. यह 65.83 फीसदी है. तीसरे नंबर पर क्षमता के मामले में जयपुर में 117 डैम हैं, जिनकी क्षमता 2473.12 है. यहां 1846.26 एमसीएम पानी है. यह करीब 74.65 फीसदी है. पानी की भराव क्षमता के मामले में जयपुर दूसरे नंबर पर है. हालांकि, बीते साल इन सभी डैम में जुलाई के तीसरे सप्ताह तक 570.38 एमसीएम पानी ही आया था. इस अनुसार महज 23.06 फीसदी पानी ही इनमें था, जबकि इस बार तीन गुना से ज्यादा पानी है.
प्रदेश के दोनों बड़े बांधों में बीते साल से ज्यादा पानी : अधिशासी अभियंता हरीश तिवाड़ी ने बताया राजस्थान का सबसे बड़े बांध राणा प्रताप सागर बांध की बात की जाए तो उसकी कैपेसिटी 2905.33 मिलियन क्यूबिक मीटर है, जबकि उसमें 2749.517 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी है. यहां से मशीन डिस्चार्ज के जरिए पानी छोड़ा जा रहा है और बिजली बनाई जा रही है. वर्तमान में यह 94.64 फीसदी भरा हुआ है. हालांकि, गेट से पानी डिस्चार्ज किया जा चुका है. डैम को उसके शेड्यूल के अनुसार 95 फीसदी के आसपास पर मेंटेन किया जा रहा है. इसे अगस्त सितंबर में पूरी तरह से भर लिया जाएगा.
बीसलपुर डैम में बीते साल से 3 गुना पानी : प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े बांध बांसवाड़ा के माही बजाज सागर में 72.84 फीसदी पानी है. यह पिछली बार से दोगुना है. इसकी क्षमता 2180.40 एमसीएम है, जबकि इस बार पानी 1581.76 है. वहीं, बीते साल 820.42 पानी था. बीसलपुर डैम में बीते साल से 3 गुना पानी है. बीते साल इसमें 324.5 एमसीएम पानी था, इस बार 1032.18 एमसीएम पानी है. इसकी क्षमता 1095.84 एमसीएम है.
सबसे ज्यादा बूंदी के 12 और अजमेर के 9 डैम लबालब : प्रदेश के लबालब डैम की बात की जाए तो कोटा जोन अव्वल रहा है. कोटा संभाग के 4.25 एमसीएम क्षमता से ज्यादा वाले बड़े डैम में 25 लबालब हैं. दूसरे नंबर पर जयपुर है, जहां पर 25 डैम लबालब हैं. इसके बाद उदयपुर में 17, जोधपुर में 7, भरतपुर में दो और बांसवाड़ा में केवल एक डैम फुल हुआ है. जिले के अनुसार बूंदी जिले के सबसे ज्यादा 12 बांध भर गए हैं. इसके बाद अजमेर के 9 बांध फुल हैं. बारां जिले के आठ, भीलवाड़ा और पाली के 7-7 डैम भर गए हैं. इसी तरह से टोंक के 6, चित्तौड़गढ़ व झालावाड़, करौली, राजसमंद और सवाई माधोपुर के तीन-तीन बांध भर गए हैं. ब्यावर, धौलपुर, कोटा, प्रतापगढ़ और उदयपुर के दो-दो डैम और दौसा, डूंगरपुर और जयपुर का एक-एक डैम फुल हुआ है.




















