जयपुर: राजस्थान में पिछले कई दिनों से सक्रिय मानसून अब धीरे-धीरे कमजोर होने की ओर बढ़ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी राजस्थान के ऊपर बना डिप्रेशन धीरे-धीरे पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ रहा है और आगामी 6 घंटों में यह सुस्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र (वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया) में तब्दील हो सकता है. आज जोधपुर संभाग में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है, जबकि अजमेर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने के आसार हैं.
अगले कुछ दिन राहत, फिर लौटेगा सिस्टम: वहीं, भरतपुर, जयपुर, कोटा और बीकानेर संभाग में बारिश की गतिविधियों में आज से ही कमी आने की संभावना जताई गई है. राज्यभर में 20 जुलाई से बारिश की तीव्रता में तेज गिरावट होने और भारी बारिश से राहत मिलने की संभावना है. हालांकि, पूर्वी राजस्थान में 27 से 28 जुलाई के आसपास एक बार फिर से भारी बारिश का नया दौर सक्रिय हो सकता है. मौसम विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है. मौसम वैज्ञानिक राधेश्याम शर्मा के मुताबिक प्रदेश में 20 जुलाई से बारिश में धीरे-धीरे कमी आने लगेगी. इसके बाद 27–28 जुलाई के आसपास एक नया भारी बारिश का दौर राज्य में फिर सक्रिय हो सकता है.
अब तक सामान्य से 126% अधिक बारिश: मौसम वैज्ञानिक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि इस साल मानसून ने अब तक अच्छी सक्रियता दिखाई है. 1 जून से 19 जुलाई 2025 तक राज्य में 324.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई, जो कि सामान्य 143.8 मिमी की तुलना में 126 फीसदी ज्यादा है. मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी राजस्थान में 449.6 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य (199 मिमी) से 126 प्रतिशत तक अधिक रही, वहीं पश्चिमी राजस्थान में 225.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य (99.9 मिमी) से 125 प्रतिशत अधिक है. जिलेवार आंकड़ों में बारां जिले में 708.6 मिमी, सवाई माधोपुर में 593.2 मिमी, कोटा में 619.1 मिमी और बूंदी में 539.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है. इन जिलों में सामान्य से 160% से अधिक बारिश हुई है. वहीं, पश्चिमी राजस्थान के नागौर (380.1 मिमी), चूरू (303.7 मिमी) और पाली (453.6 मिमी) में भी भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई है.
सबसे ज्यादा बारिश बूंदी और नागौर में: मानसून के जोर पकड़ने के बाद शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई है. बूंदी के नैनवां में 234.0 मिमी और नागौर के मेड़ता सिटी में 228.0 मिमी बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने इन दोनों ही इलाकों को अति भारी बारिश की श्रेणी में माना है. शनिवार दोपहर 12 बजे बाद मौसम विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के जिन इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई और जो इलाके वर्षा से ज्यादा प्रभावित रहे, उनमें अजमेर का मांगलियावास, नसीराबाद, पीसांगन, किशनगढ़, पाली का रायपुर, धौलपुर का सरमथुरा, नागौर के डीडवाना और प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय शामिल रहे. इनमें से अधिकांश स्थानों में भारी बारिश हुई है, जिसकी सीमा 115.6 से 204.4 मिमी तक होती है.
| जिला | स्थान | वर्षा (मिमी) | |||
|---|---|---|---|---|---|
| अजमेर | मांगलियावास | 185.0 | |||
| अजमेर | नसीराबाद | 178.0 | |||
| प्रतापगढ़ | प्रतापगढ़ | 158.0 | |||
| अजमेर | पीसांगन | 152.0 | |||
| पाली | रायपुर | 140.0 | |||
| धौलपुर | सरमथुरा | 140.0 | |||
| नागौर | डीडवाना | 135.0 से ऊपर | |||
| अजमेर | किशनगढ़ | 135.0 से ऊपर | |||
इसके अलावा राजस्थान के 47 से ज्यादा स्थानों पर 65 मिमी से 115 मिमी के बीच बारिश रिकॉर्ड की गई है. जिनमें इंदरगढ़ (बूंदी) 111.0 मिमी, मसूदा (अजमेर) 110.0 मिमी, कुम्भलगढ़ (राजसमंद) 95.0 मिमी, लालसोट (दौसा) 97.0 मिमी, बिलाड़ा (जोधपुर) 90.0 मिमी और पचपदरा (बाड़मेर) 75.0 मिमी बारिश वाले स्थान रहे.




















