अजमेर : अजमेर में फूलों का उत्पादन बड़ी मात्रा में होता है. यहां के फूल राजस्थान के अन्य जिलों सहित कई राज्यों में जाते हैं. खासकर फूलों का राजा गुलाब, गेंदा, गेंदी, जाफरी, गुलदावरी आदि फूलों के सीजन में बंपर उत्पादन होता है. इसी तरह बड़ी संख्या में सजावटी विदेशी फूल भी अन्य राज्यों से अजमेर में आते हैं. अजमेर की बात की जाए तो यहां 200 से 250 करोड़ का फूलों का व्यापार होता है. सावन का महीना है और फूलों की डिमांड बनी हुई है. बावजूद इसके फूलों के राजा गुलाब की दाम गिरे हुए हैं, जबकि उत्पादन भी गुलाब का ज्यादा हो रहा है.
फूलों के राजा गुलाब की खेती के लिए पुष्कर और अजमेर की जमीन और वातावरण मुफीद मानी जाती है. पुष्कर का गुलाब अपने औषधीय गुण के कारण काफी प्रसिद्ध है. खासकर गुलाबी रंग के गुलाब की इतनी डिमांड है कि कंपनियां सीधे किसानों से खेत में ही गुलाब की फसल का सौदा कर लेती हैं. मंडी में गुलाबी रंग का गुलाब यदा कदा ही नजर आता है. गुलाबी रंग के गुलाब का उपयोग कॉस्मेटिक, गुलकंद, गुलाब जल और इत्र आदि उत्पाद बनाने में होता है. वहीं, लाल गुलाब धार्मिक स्थलों पर ज्यादा उपयोग में आते हैं. अजमेर की फूल मंडी में 10 हजार किलो गुलाब चैत्र और सावन माह में प्रति दिन आता है. फूल मंडी गुलाब की खुशबू महक रही है, लेकिन गुलाब के भाव गिरने से किसानों को भी नुकसान हो रहा है.
डिमांड कम, उत्पादन ज्यादा तो गिर गए गुलाब के दाम : गुलाब बाड़ी क्षेत्र में किसान नंदा सांखला बताते हैं कि इस बार बारिश जल्दी होने से गुलाब का उत्पादन भी जल्दी हो रहा है. शादी विवाह समारोह नहीं होने के कारण भी फूलों की डिमांड कम है. हालांकि, सावन माह में फूलों की डिमांड रहती है, लेकिन उत्पादन के अनुपात में डिमांड कम है. उन्होंने बताया कि फिलहाल फूलों में गुलाब की फसल ही ज्यादा हो रही है. अजमेर के निकट पालरा गांव से आए किसान लाखा ने बताया कि बारिश इस बार जल्दी आने के कारण गुलाब का उत्पादन भी जल्दी हो रहा है. बारिश के कारण गुलाब तोड़ने में कठिनाई होती है. कई बार गुलाब नहीं टूट पाते हैं तो खराबा होता है. गुलाब की फसल को जैसे तैसे मंडी तक लाते हैं तो यहां गुलाब के दाम कम मिलते हैं. उन्होंने बताया कि 12 रुपए किलों मंडी में किसानों का गुलाब बिक रहा है. इस रकम में तो गुलाब की तुड़ाई भी नही मिल पाती. मिर्च और अन्य सब्जी की फसल से गुजारा करना होता है. उन्होंने बताया कि सावन में गुलाब के दाम अच्छी बारिश होने पर ही गिरते हैं. शादी विवाह के सीजन में यही गुलाब 80 से 100 रुपए किलो तक बिकता है.
दो माह में फूलों का सीजन बदल जाता है : पुष्कर और अजमेर में गुलाब की खेती काफी होती है, लेकिन यह कम ही लोग जानते हैं कि अजमेर में गेंदा, नौरंगा, जाफरी और गुलदावरी के फूलों का उत्पादन गुलाब से 10 गुना ज्यादा होता है. अजमेर जिले के कई क्षेत्रों में गुलाब के अलावा इन फूलों की भी खेती होती. फूलों के व्यापारियों की मानें तो हर दो माह में फूलों का सीजन बदल जाता है. गेंदा, गेंदी, जाफरी, गुलदावरी की सीजन में प्रतिदिन 1 लाख किलो फूल मंडी में बिकने के लिए आते हैं. व्यापारी बताते हैं कि अजमेर से इन फूलों की सप्लाई दिल्ली, जम्मू, पंजाब, गुजरात और यूपी तक होती है.
सावन माह में गुलाब की कीमत काफी कम : अजमेर में फूलों के कारोबारी जीतमल मारोठिया बताते हैं कि अजमेर में फूलों का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है. यहां सीजन के अनुसार फूलों का उत्पादन होता है. यहां से फूलों की सप्लाई दिल्ली, गुजरात, जम्मू, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों और प्रदेश के जिलों में होती है. किसान फूल अजमेर मंडी के अलावा भी अन्य जिलों और राज्यों में भी अपना माल बेचते हैं. नवंबर से फरवरी तक गेंदे और गुलदावरी का सीजन होता है. गुलाब की बात करें तो अभी सावन में गुलाब का उत्पादन काफी मात्रा में होता है. बारिश के कारण गुलाब की पत्तियां सूखती नहीं हैं. बारिश के कारण गुलाब को स्टोर करके भी नहीं रखा जा सकता. वहीं, किसान और व्यापारी जगह नहीं होने के कारण गुलाब की पत्तियों को सुखा भी नहीं सकते हैं. यही वजह है कि सावन माह में गुलाब की कीमत काफी कम रहती है.
200 से 250 करोड़ का कारोबार : कारोबारी मारोठिया बताते हैं कि अजमेर में सबसे ज्यादा उत्पादन गेंदे का होता है. लेमन और ऑरेंज रंग का कलकत्ता गेंदा सीजन में प्रतिदिन सवा से डेढ़ लाख किलो बिकने के लिए मंडी आता है. इसके अलावा गुलदावरी, जाफरी और बिजली एक लाख किलो प्रतिदिन सीजन में बिकने के लिए आते हैं. गेंदे का उत्पादन अगस्त से दिसंबर तक होता है. वहीं, गेंदी (बिजली) का उत्पादन दिसंबर से अप्रैल तक होता है. गुलाब का उत्पादन सबसे ज्यादा सावन और चैत्र माह में होता है. मारोठिया बताते हैं कि 200 से 250 करोड़ का कारोबार फूलों का प्रतिवर्ष अजमेर में होता है. बाहरी राज्यों से भी सजावटी विदेशी फूल अजमेर मंगाए जाते हैं. ज्यादात्तर पुणे और दिल्ली से फूल डिमांड पर अजमेर आते हैं. उन्होंने बताया कि डिमांड होने पर इंदौर से रजनीगंधा, टोंक और कन्नौज से मोगरा, बेंगलुरु और कोलकाता से ऑरेंज और लेमन गेंदा भी आता है.
अजमेर में यहां होती है फूलों की पैदावार : अजमेर जिले में फूलों की पैदावार काफी अच्छी होती है. यहां की जमीन और वातावरण फूलों की खेती के लिए मुफीद है. ब्यावर, नसीराबाद, भावता, जेठाना, पीसांगन, नदी, डुमड़ा, मुहामी, ककलाना, खरवा, पुष्कर, राजोसी आदि क्षेत्र शामिल है. कारोबारी मनीष मारोठिया बताते हैं कि 20 रुपए से 160 रुपए प्रति किलो तक फूल बिकते हैं. फूलों के कारोबारी मनीष मारोठिया बताते हैं कि अन्य राज्यों से सनफ्लावर, रोजिस, ओर्केट, केडुला, सेवंटी बंच, जरबरा, बीओबी, कार्नेशन, मधु कामिनी, एरिगा आदि कई प्रजातियों के विदेशी फूल भी आते हैं. उन्होंने बताया कि विदेशी सजावटी फूलों की डिमांड पहले से काफी बढ़ गई है. इसका कारण है पुष्कर शादी का नया डेस्टिनेशन बन गया है. अन्य राज्यों से भी लोग पुष्कर में आकर शादियां कर रहे हैं. विदेशी सजावटी फूलों का कारोबार प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपए के आसपास होता है.




















