जयपुर: राज्य सरकार की वरिष्ठजन नागरिक तीर्थयात्री योजना-2025 के लिए देवस्थान विभाग ने ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की. इस बार 50 हजार वरिष्ठजनों को एसी ट्रेन और 6 हजार यात्रियों को हवाई यात्रा कराई जाएगी. इच्छुक व्यक्ति 10 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. खास बात ये है कि इस बार देवदर्शन में सिखों के धर्मस्थल पटना साहिब और श्री हजूर साहिब शामिल किया गया है. गोवा में मंदिरों के दर्शन के साथ चर्च भी दिखाए जाएंगे.
देवस्थान विभाग के मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि सरकार ने धार्मिक आस्था का सम्मान करते वर्ष 2013 में वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना शुरू की.वर्ष 2016 से निर्धारित तीर्थ स्थलों की रेल के साथ हवाई यात्रा शुरू की गई. वर्ष 2019-20 विदेश यात्रा के लिए काठमांडु (नेपाल) के पशुपतिनाथ तीर्थ स्थल को सम्मिलित किया गया. योजना अन्तर्गत अब तक कुल 1 लाख 88 हजार 376 वरिष्ठजनों को लाभान्वित किया गया. इसमें रेल मार्ग से 1 लाख 62 हजार 285 और हवाई मार्ग से 20 हजार 824 वरिष्ठजनों को यात्रा कराई गई. मंत्री कुमावत ने बताया कि इस क्रम में अब 56 हजार यात्रियों को यात्रा कराने की रूपरेखा बनाई है.इसमें 50,000 यात्रियों को एसी ट्रेन और 6000 यात्रियों को हवाई यात्रा कराएंगे. इसके लिए 15 रूट तय किए हैं. साथ ही वाघा बॉर्डर और कुछ नए तीर्थ स्थलों को भी शामिल किया है.
ये है पात्रता: वरिष्ठजन नागरिक तीर्थ यात्री योजना में शामिल होने के लिए 60 वर्ष से अधिक आयु के आवेदक ही पात्र होंगे. आवेदक राजस्थान का मूल निवासी हो व जन्म 1 अप्रेल 1966 से पूर्व होना चाहिए. आवेदक आयकरदाता नहीं होना चाहिए. हालांकि ऐसे यात्री जिनका चयन गत वर्षों में हो गया और वे स्वेच्छा से यात्रा पर नहीं गए, उन्हें इस बार शामिल नहीं किया जाएगा.
ऐसे कर सकेंगे आवेदन: इच्छुक वरिष्ठजन देवस्थान विभाग की वेबसाइट https://@devasthan-rajasthan-gov-in या सीधे edevasthan-rajasthan-gov-in पर आवेदन कर सकते हैं. वेबसाइट पर यात्रा से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं. ऑनलाइन आवेदन के बाद जिला स्तर पर कमेटी पात्र लोगों का चयन करेगी. यात्रा के लिए 100 प्रतिशत अतिरिक्त यात्रियों की प्रतीक्षा सूची तैयार की जाएगी. चुने पात्र लोगों को यात्रा पर भेजा जाएगा. एक ट्रेन में 800 वरिष्ठजन यात्रा कर सकेंगे.
रेल से 40 तीर्थस्थलों के दर्शन करेंगे यात्री:देवस्थान मंत्री कुमावत ने बताया कि इस बार स्वर्ण मंदिर के बाद सिख समुदाय की मांग पर कई नए तीर्थ स्थलों को यात्रा में शामिल किया है. इनमें महाराष्ट्र के हजूर साहिब (नांदेड़) और पटना साहिब (बिहार) हैं. इसके अलावा ट्रेन से कुल 15 रूट तय किए हैं. इन पर वरिष्ठजनों को लगभग 40 तीर्थस्थलों के दर्शन करने का अवसर मिलेगा. इनमें हरिद्वार, ऋषिकेश-अयोध्या-वाराणसी, सारनाथ, सम्मेदशिखर-पावापुरी, मथुरा, वृंदावन, बरसाना, आगरा, द्वारकापुरी, नागेश्वर, सोमनाथ, तिरूपति, पदमावती, कामख्या-गुवाहाटी, गंगासागर-कोलकाता, जगन्नाथपुरी-कोणार्क, रामेश्वरम-मदुरई, वैष्णोदेवी, अमृतसर-वाघा बार्डर, महाकालेश्वर, उज्जैन-ओंकारेश्वर-त्रयम्बकेश्वर-घृष्णेश्वर-एलोरा, बिहार शरीफ, पटना साहिब-बिहार, श्री हजूर साहिब नांदेड़-महाराष्ट्र, गोवा के मंदिर और चर्च भी शामिल किए हैं.
ट्रेन पर दिखेगी राजस्थानी संस्कृति: ट्रेन पर राजस्थानी संस्कृति नजर आएगी. ट्रेन खासतौर पर इस तीर्थ यात्रा के लिए डिजाइन किया है. विशेषतौर पर सभी 11 डिब्बों पर राजस्थानी लोक नृत्य, लोक कलाएं, तीज त्योहार की झलक नजर आएगी. प्रत्येक डिब्बे पर राजस्थान के अलग-अलग मंदिर, दुर्ग, अन्य पर्यटक स्थल व अभयारण्य को दर्शाया है. ट्रेन में डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ की सुविधा मिलेगी. इसके अलावा सभी यात्रियों के ठहरने के लिए होटल, ट्रांसपोर्ट और मंदिर दर्शन की सुविधा के साथ यात्रियों के लिए सुबह-शाम के खाने-नाश्ते की व्यवस्था भी देवस्थान विभाग की ओर से उपलब्ध करवाई जाएगी.




















