जयपुर. दिल्ली-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर नया अपडेट सामने आया है. सर्वे रिपोर्ट तैयार केंद्र को सौंप दी गई है. सरकार से मंजूरी मिलते ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. इससे पहले सैटेलाइट सर्वे और लिडार तकनीक से रिमोट सेंसिंग सर्वे किया गया था. यह प्रक्रिया पूरे एक साल तक चली. दरअसल, डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने का काम चार साल पहले शुरू हुआ था. यह काम अब पूरा हो गया है.
886 किमी लंबे इस रूट पर 13 स्टेशन बनाए जाने हैं. गुजरात में 3, राजस्थान में 7, हरियाणा में 2 और दिल्ली में 1 स्टेशन प्रस्तावित है. दिल्ली-अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन 320 से 350 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी और अपना सफर महज 4 घंटे में पूरा करेगी. फिलहाल दिल्ली से अहमदाबाद के बीच 12 से 14 घंटे लगते हैं. प्रोजेक्ट को 2031 तक प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य रख गया है.
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2025 में संसद के शीतकालीन सत्र में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक प्रश्न के लिखित जवाब में दिल्ली-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का जिक्र किया था. उन्होंने बताया कि डिटेल डीपीआर तैयार हो चुकी है. रिपोर्ट की व्यवहारिकता का अध्ययन रेलवे मंत्रालय की ओर से किया जा रहा है. इसके अलावा, दिल्ली-वाराणसी, मुंबई नागपुर, मुंबई-हैदराबाद , चेन्नई-बेंगलुरु-मैसूर, दिल्ली-चंडीगढ़-अमृतसर, वाराणसी-हावड़ा के बीच इन छह रूट पर हाई स्पीड रेल चलाने का प्रस्ताव है. इन रूट्स की सर्वे रिपोर्ट तैयार करवाई जा रही है.
राजस्थान से गुजरेगा 657 किलोमीटर लंबा ट्रैक
दिल्ली-अहमदाबाद कॉरिडोर की कुल लंबाई 886 किलोमीटर के करीब होगी. इस कॉरिडोर का 657 किलोमीटर यानी 75% हिस्सा राजस्थान से होकर गुजरेगा. बुलेट ट्रेन राजस्थान के सात जिलों अलवर, जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर और डूंगरपुर और 335 गांवों से गुजरेगी.
राजस्थान में 7 स्टेशन प्रस्तावित
बुलेट ट्रेन अहमदाबाद के रास्ते राजस्थान में आएगी. खेरवाड़ा (डूंगरपुर), उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, अजमेर, जयपुर, बहरोड़ (अलवर) में बुलेट ट्रेन के रेलवे स्टेशन प्रस्तावित हैं. इसके अलावा हरियाणा में रेवाड़ी-मानेसर में जबकि दिल्ली के द्वारका सेक्टर-1 में एक स्टेशन बनाया जाएगा. शाहपुरा में स्टेशन बनाए जाने की चर्चा है. हालांकि डीपीआर सार्वजनिक होने के बाद ही स्टेशनों की सही संख्या पता चल पाएगी.
जयपुर जिले की 8 तहसीलों के 130 गांवों से गुजरेगी ट्रेन
यह बुलेट ट्रेन जयपुर जिले की 8 तहसीलो के 130 गांवों से गुजरेगी. कोटपूतली के 19, पावटा के 8, विराटनगर के 9, शाहपुरा के 16, आमेर के 24, चौंमू के 14, जयपुर के 15, सांगानेर के 4, मोजमाबाद के 21 गांवों से होकर यह ट्रेन गुजरेगी. कोटपुतली में इसका स्टेशन नहीं बनेगा लेकिन बहरोड़ और शाहपुरा में स्टेशन प्रस्तावित है.
चित्तौड़गढ़ के 48 गांवों कनेक्ट होंगे बुलेट ट्रेन से
दिल्ली-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का 80 किमी एलिवेटेड ट्रैक चित्तौड़गढ़ जिले से निकलेगा. जिले से करीब 8-10 किमी दूर धनेत और माताजी की पांडोली के बीच इसका स्टेशन बनाया जाएगा. पूरा ट्रैक एलिवेटेड बनेगा. ट्रैक जमीन से करीब 10 से 15 मीटर ऊंचाई पर बनेगा.
बुलेट ट्रेन ट्रैक की चौड़ाई करीब 17.5 मीटर होगी
अलवर के 19, अजमेर 47, भीलवाड़ा 34, उदयपुर 58 और डूंगरपुर के 16 गांवों की जमीन ट्रैक निर्माण के लिए ली जाएगी. ट्रैक की चौड़ाई करीब 17.5 मीटर होगी. राजस्थान में बुलेट ट्रेन के ट्रैक की लंबाई अलवर में 34.71 किमी, जयपुर 194.58, अजमेर 107.97, भीलवाड़ा 85.57, चित्तौड़ 79.73, उदयपुर 123.29 और डूंगरपुर में 32.10 किमी होगी. डूंगरपुर स्टेशन 23 किमी दूर खेरवाड़ा में डूंगरपुर नाम से होगा. उदयपुर शहर में प्रतापनगर स्टेशन के आसपास महाराणा प्रताप बुलेट ट्रेन स्टेशन के नाम से स्टेशन प्रस्तावित है.




















