अगर आप देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक IIM से पढ़ाई करने का सपना देखते हैं, तो आपके लिए एक बेहतरीन अवसर आने वाला है. अब IIM बैंगलोर से पढ़ाई करने के लिए आपको CAT जैसी कठिन परीक्षा नहीं देनी होगी. इसके बजाय, एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा के ज़रिए आप सीधे 12वीं के बाद IIM में दाखिला पा सकते हैं. भारतीय प्रबंधन संस्थान, बैंगलोर (IIMB) ने ऐलान किया है कि वह अगस्त 2026 से दो चार वर्षीय स्नातक डिग्री कोर्स बीएससी (ऑनर्स) इन इकोनॉमिक्स और बीएससी (ऑनर्स) इन डेटा साइंस शुरू कर रहा है.
यह दोनों कोर्स संस्थान के नए जिगनी परिसर में संचालित होंगे, जो कि IIMB के मल्टीडिसिप्लिनरी स्टडीज़ स्कूल के तहत आता है. इन कोर्सों को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि छात्र अपने मुख्य विषय के साथ-साथ एक वैकल्पिक पूरक (माइनर) विषय का चयन भी कर सकें. इससे उन्हें न सिर्फ अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता मिलेगी बल्कि अन्य विषयों की भी समझ विकसित होगी. यह पूरा ढांचा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है.
पहले बैच में 80 सीटें, 2031 तक होगा विस्तार
प्रथम बैच के लिए प्रवेश प्रक्रिया सितंबर 2025 से शुरू होगी और कुल 80 छात्रों को प्रवेश मिलेगा. प्रत्येक विषय में 40 सीटें होंगी. संस्थान की योजना है कि 2031 तक नए परिसर में सीटों की संख्या बढ़ाकर 640 कर दी जाए. आरंभिक शिक्षण कार्य के लिए 15 फैकल्टी सदस्यों की एक विशेष टीम नियुक्त की जाएगी, जिसमें IIMB के वर्तमान और नए प्रोफेसर शामिल होंगे.
कोर्स की विशेषताएं: इंटर्नशिप, एक्सचेंज प्रोग्राम और फ्लेक्सिबल एग्ज़िट
इन कोर्सों में दो इंटर्नशिप चक्र, एक अंतर्राष्ट्रीय एक्सचेंज प्रोग्राम और तीन साल के बाद डिग्री छोड़ने का विकल्प भी शामिल होगा, जैसा कि NEP में प्रस्तावित है. कोर्स को प्रैक्टिकल, इंटरडिसिप्लिनरी और मॉडर्न कॉन्सेप्ट से तैयार किया गया है.
प्रवेश प्रक्रिया और योग्यता मानदंड
प्रवेश के लिए छात्रों को मैथ्स के साथ कक्षा 12वीं में न्यूनतम 60% अंक और कक्षा 10वीं में कुल 60% अंक लाने होंगे. इसके अलावा एक नेशनल लेवल की प्रवेश परीक्षा और पर्सनल इंटरव्यू भी होगा. सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम आयु 20 वर्ष और आरक्षित वर्गों के लिए 22 वर्ष निर्धारित की गई है (1 अगस्त 2025 तक).
वार्षिक शुल्क और वित्तीय सहायता
प्रत्येक वर्ष के लिए शुल्क 8.5 लाख निर्धारित किया गया है. हालांकि, संस्थान यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी योग्य छात्र को आर्थिक कमी के कारण शिक्षा से वंचित न होना पड़े. प्रो. कृष्णन के अनुसार पहले से ही 20% तक वित्तीय सहायता की व्यवस्था की जा चुकी है और ज़रूरतमंद छात्रों को सहायता प्रदान की जाएगी.
प्लेसमेंट, इंडस्ट्री एक्सपोज़र और इंटरनेशनल लिंक
प्रोफेसर मुक्ता कुलकर्णी के अनुसार छात्रों को प्लेसमेंट के लिए विशेष सहायता दी जाएगी. पाठ्यक्रम में इंडस्ट्री के अनुसार अपडेट किए गए विषय, इंटर्नशिप के अवसर और अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियां शामिल होंगी.




















