कोटा जिले में बीते दिन हुई भारी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया. जहां एक ओर दरा नेशनल हाईवे पर जलभराव और फिसलन के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही, वहीं दूसरी ओर कैथून क्षेत्र में चंद्रलोई नदी में एक ट्रैक्टर सहित उसका चालक बह गया.
तेज बारिश के कारण दरा नेशनल हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं. सड़क पर जलभराव होने और रास्ता संकरा होने के कारण कई घंटे तक वाहनों की रफ्तार थम गई. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डीएसपी, सीआई सहित भारी पुलिस जाब्ता मौके पर तैनात किया गया. पुलिस द्वारा ट्रैफिक को सामान्य करने के प्रयास जारी हैं.
नदी में बहा ट्रैक्टर, रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
वहीं, कैथून के चंद्रलोई नदी में एक ट्रैक्टर और उसका चालक तेज बहाव में बह गए. घटना देर रात की है, जब बारिश के बीच नदी पार करने के दौरान ट्रैक्टर बह गया. चालक हालांकि बहते हुए नदी से बाहर निकलने में सफल रहा और सीधे अपने घर पहुंचकर सो गया. उधर, चालक के लापता होने की सूचना पर पुलिस और रेस्क्यू टीम रातभर नदी में खोजबीन करती रही. सुबह जब जानकारी मिली कि चालक सुरक्षित घर पर है, तो राहत की सांस ली गई.
शहर में जलभराव, स्कूलों में अवकाश
हालांकि बारिश अब थम गई है, लेकिन शहर के कई हिस्सों में अब भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है. हालात को देखते हुए कोटा जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने एहतियातन सभी निजी और सरकारी स्कूलों में 15 जुलाई को अवकाश घोषित कर दिया है. प्रशासन द्वारा साफ-सफाई और जलनिकासी का कार्य तेजी से कराया जा रहा है.
इस पूरे घटनाक्रम ने दिखा दिया कि मौसम की मार से बचाव और सतर्कता कितनी ज़रूरी है, खासकर बारिश के दौरान. प्रशासन और आमजन दोनों को इस तरह की आपात स्थितियों के प्रति सजग रहना होगा.




















