जब आम आदमी का कनेक्शन बकाया पर काटा जाता है, तो मंत्री का क्यों नहीं?”यह सवाल किसी पत्रकार या विपक्ष के नेता ने नहीं, नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने उठाया है। और निशाने पर हैं राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, जिनके सरकारी बंगले पर ₹2 लाख 17 हजार 428 का बिजली बिल बकाया है।
बेनीवाल ने रविवार को राजधानी जयपुर में शहीद स्मारक पर आयोजित धरने के दौरान मीडिया के सामने बकाया बिल की प्रति लहराते हुए सीधा सवाल दागा—
मुख्यमंत्री जी, क्या अब मंत्रीजी के बंगले का कनेक्शन भी काटा जाएगा, जैसे आपने मेरा सांसद कार्यालय का काट दिया था?”
जिनके घर शीशे के होते हैं, वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते”
बिल की कॉपी कैमरों के सामने रखते हुए बेनीवाल ने कहा—
ऊर्जा मंत्री खुद अपने विभाग के नियम नहीं मान रहे, फिर आम जनता को क्या नैतिकता सिखा रहे हैं? जिनके घर शीशे के होते हैं, वो दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकते मंत्रीजी!”
बेनीवाल ने कहा कि 15 फरवरी 2024 को मंत्री के नाम से यह कनेक्शन लिया गया था, और तब से अब तक ढाई-तीन महीनों में करीब 15 हजार यूनिट बिजली की खपत हुई है, जो सीधे-सीधे 2 लाख से ज्यादा के बिल में तब्दील हो चुकी है।
सरकारी बंगला है, सरकारी सुविधा है, लेकिन जनता का पैसा है! ये कोई जागीर नहीं है मंत्रीजी की, कि जितना चाहे लुटाओ!”
नियम सबके लिए बराबर हैं या नहीं?
हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से तीखा सवाल किया—
क्या अब आप मंत्री नागर पर भी वही नियम लागू करेंगे, जो आम आदमी पर होते हैं? या सत्ता में बैठा मंत्री बिजली विभाग से ऊपर है?”
बेनीवाल यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा—
मेरे सांसद कार्यालय का कनेक्शन बिजली सेटलमेंट प्रक्रिया में होते हुए भी काट दिया गया। क्या अब मंत्रीजी का कनेक्शन भी उसी तत्परता से काटा जाएगा?”
बिना बिल चुकाए बड़बोले बयान?
बेनीवाल ने नागर पर तंज कसते हुए कहा,
ऊर्जा मंत्री साहब खुद बकायेदार हैं, और उपभोक्ताओं को धमकाते हैं कि बकाया चुकाओ नहीं तो कार्रवाई होगी! पहले अपना हिसाब-किताब तो ठीक करो मंत्रीजी!”
उन्होंने कहा कि ये मुद्दा सिर्फ एक मंत्री के बकाया बिल का नहीं है, बल्कि पूरी सरकार की दोहरी नीति और जवाबदेही की परीक्षा है।
नागर बोले- 17 तारीख को भर देंगे बिल
उधर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि बिल की अंतिम तिथि 17 जुलाई है और उससे पहले भुगतान कर दिया जाएगा।




















