सफलता किसी भी क्षेत्र में तभी मिलती है जब उसका लक्ष्य शुरू से ही साफ हो और उसे पाने के लिए निरंतर मेहनत की जाए. कुछ ऐसा ही कर दिखाया महाराष्ट्र के आर्यन तंबोली (Aryan Tamboli) ने, जिन्होंने कक्षा 10वीं के बाद ही इंजीनियरिंग की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा JEE की तैयारी शुरू कर दी थी. जब आर्यन ने कोचिंग जॉइन की, तभी उन्हें IIT जैसे संस्थानों के महत्व और वहां मिलने वाले अवसरों का ठीक से एहसास हुआ. यहीं से उन्होंने तय कर लिया कि उन्हें किसी भी हाल में इस सपने को सच करना है. इस सफर में उनका एक करीबी दोस्त लगातार उनका हौसला बढ़ाता रहा और उन्हें लक्ष्य पर केंद्रित रखने में मदद करता रहा.
आर्यन ने दो वर्षों तक लगातार मेहनत की, अपनी कमजोरियों पर काम किया और धीरे-धीरे खुद को मजबूत बनाया. उनके इसी समर्पण का नतीजा था कि उन्होंने JEE एडवांस्ड 2024 में 6636वीं रैंक हासिल की और उन्हें देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक आईआईटी बॉम्बे में दाखिला मिला
कक्षा 10वीं से शुरू कर दी थी तैयारी
जेईई में शानदार सफलता हासिल करने वाले आर्यन तंबोली का जन्म नवी मुंबई में हुआ. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वह 7वीं कक्षा के बाद वह पुणे चले आए. यहां का प्रतिस्पर्धी माहौल उन्हें बेहतर करने के लिए प्रेरित करता रहा. कक्षा 10वीं के बाद तंबोली ने एक प्राइवेट कोचिंग से तैयारी शुरू कर दी है. शिक्षक और दोस्तों का सहयोग उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह बना. उनके पिता शिकरापुर में मैकेनिकल इंजीनियर हैं और मां एक गृहिणी हैं.
ऐसी जगी आईआईटी में एडमिशन लेने की आस
आर्यन ने जब कोचिंग क्लासेज ली, तभी वह आईआईटी के महत्व को जाना. इसके बाद उन्होंने तय किया कि आईआईटी बॉम्बे में ही दाखिला लेना है. केवल इसकी प्रतिष्ठा के लिए नहीं, बल्कि खुद को साबित करने की एक निजी चुनौती के रूप में. स्कूल में वह हमेशा अच्छे अंकों से पास होते रहे हैं, लेकिन जेईई की शुरुआत आसान नहीं थी. गणित में उन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जबकि फिजिक्स और केमिस्ट्री में वह ठीक कर रहे थे. उनके शिक्षकों ने उन्हें हिम्मत दी और उनकी कमजोरियों पर काम करने में मदद की.
यहां से कर रहे हैं बीटेक की पढ़ाई
शुरुआत में उनके माता-पिता ने मेडिकल की सलाह दी थी, लेकिन बाद में उन्होंने महसूस किया कि इंजीनियरिंग उनकी रुचियों के ज़्यादा अनुकूल है. दो साल की कड़ी मेहनत और लगन के बाद आर्यन तंबोली ने जेईई एडवांस्ड 2024 में 6636वीं रैंक हासिल की. इसके बाद उनका सपना साकार हुआ और उन्हें आईआईटी बॉम्बे में सिविल इंजीनियरिंग में एडमिशन मिला. अभी फिलहाल वह आईआईटी बॉम्बे में बीटेक के सेकेंड ईयर में हैं.




















