जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जो राजस्थान का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है, इन दिनों फ्लाइट्स की देरी के कारण चर्चा में है. पिछले कुछ हफ्तों में, यहां कई उड़ानें घंटों देरी से रवाना हुई, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा. चाहे वह तकनीकी खराबी हो, मौसम की मार हो या फिर अन्य परिचालन समस्याएं, जयपुर से उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स समय पर रवाना नहीं हो पा रही हैं. महंगे टिकट खरीदने के बावजूद यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनमें गुस्सा और निराशा बढ़ रही है.
9 जुलाई को जयपुर से दुबई जाने वाली एक फ्लाइट लगभग सात घंटे की देरी से रवाना हुई. यात्री सुबह जल्दी एयरपोर्ट पहुंचे थे, लेकिन उन्हें पूरे दिन इंतजार करना पड़ा. इसी तरह, जयपुर से कोलकाता जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E-6568 में तकनीकी खराबी के कारण पांच घंटे से अधिक की देरी हुई. यात्रियों ने शिकायत की कि उन्हें समय पर जानकारी नहीं दी गई और कई को कनेक्टिंग फ्लाइट्स छूटने की चिंता सताती रही.
देरी का कारण
जयपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स की देरी के कई कारण सामने आए हैं. इनमें तकनीकी खराबी, मौसम की खराब स्थिति और परिचालन संबंधी समस्याएं प्रमुख हैं. उदाहरण के लिए, 7 जुलाई को रियाद से दिल्ली जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI-926 को दिल्ली में खराब मौसम के कारण जयपुर डायवर्ट किया गया. इस फ्लाइट के यात्री तीन घंटे तक विमान में फंसे रहे और बाद में उन्हें सड़क मार्ग से दिल्ली भेजा गया. इसी तरह, 8 जुलाई को सूरत से जयपुर जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E-7267 में मधुमक्खियों के झुंड के कारण एक घंटे की देरी हुई, क्योंकि कार्गो डिब्बे पर मधुमक्खियां बैठ गई थी. इसके अलावा, मध्य पूर्व में चल रहे ईरान-इजरायल तनाव के कारण हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों ने भी जयपुर से दुबई और शारजाह जाने वाली उड़ानों को प्रभावित किया है.
महंगे टिकट और बढ़ती परेशानी
जयपुर से उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स के टिकट की कीमतें पिछले कुछ महीनों में काफी बढ़ गई हैं, खासकर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की. इसके बावजूद, यात्रियों को वह सुविधा और समयबद्धता नहीं मिल रही, जिसकी वे अपेक्षा करते हैं. जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारियों का कहना है कि वे यात्रियों की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं. हाल ही में, एयरपोर्ट पर 600 करोड़ रुपये की लागत से 14 परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिनमें टर्मिनल विस्तार, नए चेक-इन काउंटर और एयरोब्रिज की स्थापना शामिल है. हालांकि, इन सुधारों का तत्काल प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा और देरी की समस्या बरकरार है. एयर इंडिया और इंडिगो जैसी एयरलाइंस ने देरी के लिए माफी मांगी है और यात्रियों को रिफंड या वैकल्पिक उड़ानों की पेशकश की है, लेकिन यह समाधान यात्रियों की परेशानी को पूरी तरह कम नहीं कर पा रहा.




















