दिल्ली से जयपुर जा रही डबल डेकर ट्रेन में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक यात्री ने कोच में एक लावारिस काला बैग देखा, जिसमें से टिक-टिक की आवाज आ रही थी. यह घटना 8 जुलाई की शाम की है, जब ट्रेन दिल्ली के सराय रोहिल्ला स्टेशन से रवाना होकर अलवर की ओर बढ़ रही थी. बैग की आवाज और उसका लावारिस होना सुनते ही यात्रियों में बम होने की अफवाह फैल गई. इस खबर ने ना केवल यात्रियों, बल्कि ट्रेन के टीटी (टिकट परीक्षक) और अन्य कर्मचारियों के भी होश उड़ा दिए. आनन-फानन में ट्रेन को अलवर के पास आपातकालीन स्थिति में रोका गया और बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया.
बताया जा रहा है कि रात के करीब आठ बजे, ट्रेन के डबल डेकर कोच C-3 में एक यात्री ने नोटिस किया कि सीट नंबर 45 के नीचे एक काला बैग पड़ा है, जिसमें से टिक-टिक की आवाज आ रही थी. यात्री ने तुरंत टीटी को सूचित किया, जिसके बाद कोच में मौजूद अन्य यात्रियों में दहशत फैल गई. कुछ यात्रियों ने इसे बम समझकर चिल्लाना शुरू कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई. टीटी ने तुरंत ट्रेन के गार्ड और रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी. ट्रेन को अलवर स्टेशन से कुछ किलोमीटर पहले एक सुनसान इलाके में रोक दिया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर उतार लिया गया.
बम निरोधक दस्ते की जांच
रेलवे पुलिस (RPF) और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड तुरंत मौके पर पहुंचा. पूरे कोच को खाली करवाया गया और बम निरोधक दस्ते ने सावधानीपूर्वक बैग की जांच शुरू की. इस दौरान ट्रेन और उसके आसपास का इलाका पूरी तरह सील कर दिया गया. यात्रियों को दूर सुरक्षित स्थान पर रखा गया. कई लोग घबराहट में अपने परिजनों को फोन करने लगे. करीब ढाई घंटे तक चली इस जांच में सभी की सांसें अटकी रही.
बैग में क्या निकला?
जांच के बाद बम निरोधक दस्ते ने खुलासा किया कि बैग में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं थी. दरअसल, टिक-टिक की आवाज एक पुराने डिजिटल घड़ी से आ रही थी, जो बैग के अंदर मौजूद थी. बैग में कुछ कपड़े, एक पानी की बोतल, एक टिफिन और वह घड़ी थी, जिसकी बैटरी से टिक-टिक की आवाज निकल रही थी. यह घड़ी संभवतः किसी यात्री की थी, जो जल्दबाजी में बैग छोड़कर उतर गया था. रेलवे पुलिस ने बैग को अपने कब्जे में ले लिया और इसके मालिक की तलाश शुरू कर दी है.




















