जयपुर. जोधपुर हाईकोर्ट की कनिष्ठ लिपिक भर्ती परीक्षा से जुड़ी एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है. ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कर सरकारी नौकरी हासिल करने वाली संगीता बिश्नोई को SOG यानी विशेष कार्य बल ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी के बाद अब इस पूरे मामले की जांच को एक बार फिर गंभीरता से खंगाला जा रहा है. इस कार्रवाई से भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं.
जानकारी के अनुसार 19 मार्च 2023 को बीकानेर में आयोजित कनिष्ठ लिपिक भर्ती परीक्षा में संगीता बिश्नोई ने ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल की थी. इसमें उसकी मदद की नकल गिरोह के सरगना पौरव कालेर ने जो पहले से ही कई मामलों में संदेह के घेरे में है. पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर अब एसओजी ने संगीता को गिरफ्तार कर लिया है. संगीता की गिरफ्तारी के बाद अब परीक्षा माफिया के अन्य लिंक भी खंगाले जा रहे हैं.
गिरफ्तारी से मचा हड़कंप
गौरतलब है कि संगीता बिश्नोई फिलहाल पाली जिले के देसूरी सिविल कोर्ट ऑफिस में जूनियर क्लर्क के पद पर कार्यरत थी. SOG को जांच में यह जानकारी मिली कि उसने पौरव कालेर की मदद से ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए परीक्षा में नकल कर चयन हासिल किया. अब उसकी नियुक्ति भी संदेह के घेरे में आ गई है और कार्रवाई की संभावना है. फिलहाल उसके मोबाइल, दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य खंगाले जा रहे हैं.
जांच में हो सकते हैं और खुलासे
अब इस मामले का अनुसंधान एडिशनल एसपी प्रकाश कुमार शर्मा को सौंपा गया है. माना जा रहा है कि आगे की जांच में और नाम सामने आ सकते हैं. नकल माफिया से जुड़े अन्य लिंक भी इस गिरफ्तारी के जरिए उजागर हो सकते हैं. वहीं इस कार्रवाई के बाद हाईकोर्ट भर्ती में हुए अन्य चयन भी अब जांच के दायरे में आ सकते हैं. इससे उन उम्मीदवारों में भी हलचल मच गई है जो इस भर्ती के तहत चयनित हुए थे.
अन्य भर्तियों की जांच को भी मिल सकती है रफ्तार
एसओजी की यह कार्रवाई राज्य की अन्य भर्तियों में चल रही नकल की जांच को और मजबूती देने वाली साबित हो सकती है. इससे पहले भी कई भर्तियों में ब्लूटूथ डिवाइस और सॉल्वर गैंग की भूमिका सामने आ चुकी है. अब यह देखना अहम होगा कि आगे की जांच में कौन-कौन से और नाम उजागर होते हैं और नकल माफिया का नेटवर्क कितना फैला हुआ है.




















