राजस्थान से आंध्रप्रदेश के तिरूपति बालाजी मंदिर तक दर्शन की तैयारी करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब उन्हें लंबा सफर तय करने या बार-बार ट्रेन बदलने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। रेलवे ने 9 जुलाई से सीकर से सीधे तिरुपति के लिए पूरी तरह वातानुकूलित स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। यह ट्रेन हिसार से चलेगी और सीकर, रींगस होते हुए तिरूपति पहुंचेगी। ये सेवा साप्ताहिक होगी और 24 सितंबर तक कुल 12 ट्रिप की जाएंगी।
पहली बार सीकर से तिरूपति के लिए सीधे ट्रेन कनेक्शन
यह पहली बार है जब शेखावाटी अंचल (सीकर, झुंझुनूं और चूरू) से सीधे तिरूपति तक ट्रेन चलाई जा रही है। इससे राजस्थान के श्रद्धालुओं को भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के लिए अब लंबी दूरी तय करने में आसानी होगी। ट्रेन में बैठो और सीधे बालाजी के द्वार पर पहुंचो!
पूरी तरह एसी ट्रेन – सफर में आराम ही आराम
इस ट्रेन की खास बात यह है कि यह पूरी तरह एसी (एयर कंडीशन्ड) होगी। ट्रेन में कुल 22 डिब्बे होंगे, जिनमें से 20 थर्ड एसी और 2 पॉवरकार शामिल हैं। यानी गर्मी, उमस या भीड़भाड़ से पूरी तरह राहत!
यात्रा का शेड्यूल – कौन कब कहां से
रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 07717 तिरूपति से प्रत्येक बुधवार रात 11:45 बजे रवाना होगी और शनिवार दोपहर 2:05 बजे हिसार पहुंचेगी। रास्ते में यह ट्रेन शनिवार सुबह 7:10 बजे रींगस और 8:30 बजे सीकर पहुंचेगी।
वापसी में, गाड़ी संख्या 07718 हिसार से 13 जुलाई से 28 सितंबर तक हर रविवार रात 11:15 बजे रवाना होगी और बुधवार सुबह 11:30 बजे तिरूपति पहुंचेगी। सोमवार सुबह 4:20 बजे सीकर और 5:05 बजे रींगस स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव होगा। रींगस और सीकर स्टेशनों पर 5-5 मिनट का स्टॉप मिलेगा।
50 से ज्यादा स्टेशनों पर ट्रेन का स्टॉप
यह ट्रेन रास्ते में कुल 50 से ज्यादा स्टेशनों पर रुकेगी, जिसमें दक्षिण भारत के प्रमुख स्टेशन जैसे रेणिगुंटा, कड़पा, गुंटकल, कर्नूल, महबूबनगर, मध्य भारत के अकोला, भुसावल, जलगांव, रतलाम, नीमच, और राजस्थान के चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, अजमेर, किशनगढ़, फुलेरा, सीकर, झुंझुनूं, चिड़ावा, लोहारू, सादुलपुर शामिल हैं।
धार्मिक आस्था के साथ पर्यटन का भी मौका
इस स्पेशल ट्रेन से न सिर्फ धार्मिक भावनाएं जुड़ी हैं, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बालाजी दर्शन के अलावा रास्ते में पड़ने वाले शहरों का भी दीदार हो सकता है। खासकर दक्षिण भारत के ऐतिहासिक स्थल और प्राकृतिक सुंदरता देखने का मौका मिलेगा।
बुजुर्गों और महिलाओं को बड़ी राहत
यह सीधी ट्रेन सेवा खासतौर पर उन बुजुर्गों और महिलाओं के लिए बड़ी राहत है, जो अक्सर ट्रेन बदलने के झंझट से परेशान रहते हैं। साथ ही एसी डिब्बों में सफर आरामदायक और सुरक्षित भी रहेगा।
बुकिंग शुरू – जल्दी करें सीट रिजर्व
इस ट्रेन की बुकिंग IRCTC पर शुरू हो चुकी है। सीमित ट्रिप और फुल एसी ट्रेन होने के कारण सीटों की भारी डिमांड है। अगर आप भी बालाजी के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो तुरंत बुकिंग करें।
रेलवे की यह पहल धार्मिक यात्राओं को सरल और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ी सफलता है। अब राजस्थान के श्रद्धालु भी सीधी, सुविधाजनक और सस्ती यात्रा का लाभ लेकर तिरूपति बालाजी के दर्शन कर सकेंगे। तो तैयार हो जाइए – भगवान वेंकटेश्वर के दरबार की सीधी यात्रा अब सीकर से शुरू होती है!




















