आमजनों को मिली राहत, 3 दिनों में थाने पहुंचकर करवाने होते हैं हस्ताक्षर
_ऑनलाइन एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज करने की सुविधा से आम जनता को काफी राहत मिली है। अब लोगों को तुरंत थाने जाकर एफआईआर दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र देने की जरूरत नहीं पड़ रही है। घर बैठे ही प्रथम सूचना रिपोर्ट या अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इस सुविधा से थाने से दूर दराज के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा मदद मिली है।_
_पुलिस के मुताबिक अभी ऑनलाइन सुविधा का सबसे ज्यादा फायदा लोग दस्तावेज गुम गुम होने सहित अन्य प्रकरणों पर रिपोर्ट दर्ज कराने में ले रहे हैं। अपने नजदीकी ई-मित्र पर जाकर अथवा घर पर मोबाइल-लेपटॉप से ऑनलाइन ही रिपोर्ट दर्ज करवा देते हैं। कुछ जागरूक लोग ऑनलाइन एफआईआर भी दर्ज करवा रहे हैं, परंतु इसके दर्ज होने के उपर्यंत तीन दिनों में पुलिस थाने आकर सत्यापन करवाना होता है। कुछ परिवादी सत्यापन करवाने पुलिस थाने नहीं जाते हैं। ऐसे में एफआईआर आगे प्रोसेस में नहीं पाती है।_
*ऑनलाइन एफआईआर की यह है प्रक्रिया ऑनलाइन एफआईआर दर्ज*
_करने के लिए राज्य की ऑफिशियल पुलिस वेबसाइट पर जाना होता है। इसमें जैसे नाम, लिंग, कुछ निजी जानकारियां जैसे नाम, मोबाइल नंबर और और पता आदि दर्ज करना होता है। मोबाइल नंबर ओटीपी के जरिए वेरिफाई होगा। इसके बाद ई एफआईआर का ऑप्शन खुल जाता है। एफआईआर फॉर्मेट में घटनाक्रम का पूरा ब्यौरा लिखना होता है। एफआईआर सबमिट करने के बाद वेरिफिकेशन होगा। इसके बाद एफआईआर दर्ज हो जाएगी। इसके बाद पुलिस आपके घर आकर या फोन के जरिए वैरिफिकेशन करेगी व एफआईआर की कॉपी भी मिलेगी। सीआरपीसी के मुताबिक, खोया, पाया, चोरी, वाहन चोरी, धमकी,_
_किसी अपने के गुमशुदा होने समेत अन्य गैर संज्ञीय मामलों की एफआईआर दर्ज करवा सकते हैं। मर्डर, डकैती और डकैती और दुष्कर्म व सामूहिक ठुकर्म जैसे कुकर्म जैसे मामलों की शिकायत दर्ज तो होती है लेकिन इन संज्ञेय अपराध के लिए थाने ही जाना होगा। कई मामलों में संज्ञेय अपराध में ऑनलाइन एफआईआर करने की सुविधा दी है, लेकिन तीन दिन के भीतर थाने पहुंचकर एफआईआर कॉपी पर साइन करने होते हैं। ऐसा नहीं करने पर दी जा रही है। एफआईआर दर्ज नहीं हो पाती।_
*इन सेवाओं का मिल रहा ऑनलाइन लाभऑनलाइन एफआईआर के अलावा, पुलिस विभाग से जुड़ी अन्य*
_सेवाएं जैसे किराएदार पंजीकरण, चरित्र प्रमाण पत्र, घरेलू सहायता, किसी कार्यक्रम अथवा प्रदर्शन के के लिए आवेदन, किराएदार का सत्यापन और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आदि सेवाओं के लिए भी आवेदन कर लाभ ले सकते हैं। यह सुविधाएं भी ऑनलाइन दी जा रही है। ऑनलाइन एफआईआर दर्ज की सुविधा से आमजन के साथ-साथ पुलिस को भी राहत मिली है। धीरे-धीरे लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। ऐसे में अब लोग गुमशुदगी, चोरी आदि की घटनाएं ऑनलाइन ही दर्ज करवा रहे हैं। इसे आमजनों को राहत मिली है और लोगों में जागरूकता बढ़ाई जा रहीं है। लोग ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवा रहे हैं।_




















