उदयपुर. उदयपुर कोर्ट ने बहचर्चित हिस्ट्रीशीटर नारायण सिंह की काली स्कॉर्पियो गाड़ी को कुर्क करने के आदेश दिए हैं. नारायण सिंह ने यह गाड़ी अपराध की काली कमाई से खरीदी थी. नारायण सिंह पर हत्या, हत्या के प्रयास, फायरिंग, अपहरण, फिरौती मांगने और शराब तस्करी से जुड़े 15 मामले दर्ज हैं. नारायण सिंह अपनी गाड़ी पर हत्या की धारा ‘ 302’ नंबर इस्तेमाल करता था. इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी 302 का उपयोग कर खौफ फैलता था. 302 नंबर इस हिस्ट्रीशीटर की पहचान बन गया था.
उदयपुर एएसपी मनीष कुमार ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली थी कि नारायण सिंह ने अपराध से कमाए रुपयों से स्कॉर्पियो गाड़ी खरीदी है और उसका नंबर 302 लिया है. यही नहीं इस गाड़ी का उपयोग वह आपराधिक गतिविधियां और संगीन अपराध करने में लेता है. ऐसे में उदयपुर पुलिस में नारायण सिंह के खिलाफ कोर्ट में इस्तगासा पेश किया और अपराध की कमाई से खरीदी हुई स्कॉर्पियो गाड़ी को कुर्क करने के लिए कोर्ट से निवेदन किया.
पिछले दिनों शराब तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया था
कोर्ट ने भी पुलिस की दलील को स्वीकार किया और स्कॉर्पियो की कुर्की के आदेश जारी कर दिए. बताया जा रहा है कि नारायण सिंह पिछले 15 वर्षों से अपराध की दुनिया में लिप्त है. उसे पिछले दिनों ही शराब तस्करी की एक मामले में भी गिरफ्तार भी किया गया था. पुलिस ने नारायण सिंह और उसके जैसे अन्य अपराधियों को इस कार्रवाई के मार्फत एक बड़ा संदेश दिया है और यह बता दिया है कि अपराध की कमाई से खरीदी गई वस्तुओं पर अब अपराधियों को ऐश भी नहीं करने दिया जाएगा.
सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भी 302 नंबर का उपयोग करता है
आमजन में दहशत फैलाने के लिए नारायण सिंह ने एक अलग ही तरीका अपनाया हुआ था. वह अपनी गाड़ी का नंबर 302 लिया. 302 आईपीसी की धारा के तहत हत्या के अपराध में लगाई जाती थी. यही नहीं नारायण सिंह अपने मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भी 302 नंबर का उपयोग करता है. यह सब वह पब्लिक के बीच अपना रौब और खौफ जमाने के लिए करता था. हिस्ट्रीशीटर नारायण सिंह के खिलाफ हुई यह कार्रवाई खासा चर्चा में है.




















