दिल्ली पुलिस ने नोएडा के एक पत्रकार की आपराधिक मामले में संदिग्ध के रूप में गलत पहचान करने के लिए माफी मांगी है। डीसीपी (शाहदरा) प्रशांत गौतम ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बाहरी दिल्ली के प्रेम नगर थाने की एक टीम भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 61(2) के तहत दर्ज एक मामले की जांच कर रही थी। इस टीम में एक सब-इंस्पेक्टर, एक हेड कॉन्स्टेबल और एक कॉन्स्टेबल शामिल थे। डीसीपी ने बताया, “पुलिस टीम बहादुरगढ़ निवासी राहुल के मोबाइल फोन के जरिये उसकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी।”
उन्होंने बताया कि यह टीम नोएडा के सेक्टर 38 में एक पेट्रोल पंप पर पहुंची, जहां उन्हें एक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ कार में मिला, जिसका हुलिया संदिग्ध से मेल खाता था।
डीसीपी ने कहा, “जब टीम ने उससे पहचान पत्र दिखाने को कहा तो उसने कथित तौर पर मना कर दिया और बहस करने लगा। हालांकि बाद में उस व्यक्ति ने अपनी पहचान नोएडा के पत्रकार राहुल शाह के रूप में बताई।”
पुलिस टीम ने अपनी गलती का एहसास होने पर उस व्यक्ति से माफी मांगी और थाने वापस लौट गई। अधिकारी ने कहा, “इस घटना के दौरान किसी तरह का कोई दुर्व्यवहार या बल प्रयोग नहीं किया गया।”
डीसीपी ने कहा कि चेहरे और नाम में समानता होने के कारण भ्रम की स्थिति बन गई थी। हालांकि जैसे ही पुलिस टीम ने इसकी पुष्टि की कि वह व्यक्ति, आरोपी नहीं है, उन्होंने इस पर खेद जताया और बातचीत से अलग हो गए।
इस घटना के संबंध में एक इंटरनल नोट बनाया गया है और आगे कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।



















