राजधानी के विद्याधर नगर इलाके में एक छात्र के अपहरण का मामला सामने आया है, जिसमें बदमाशों ने फिल्मी स्टाइल में वारदात को अंजाम दिया। छात्र को बोलेरो कैम्पर में बंधक बनाकर न सिर्फ मारपीट की गई, बल्कि परिजनों से 8 लाख रुपये की फिरौती की मांग भी की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 250 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और 30 किलोमीटर तक पीछा कर युवक को सकुशल छुड़ाया।
घटना 2 जुलाई की रात की है। छात्र ने अपने रिश्तेदार को कॉल कर बताया कि कुछ लोगों ने उसका अपहरण कर लिया है। युवक ने बताया कि वह विद्याधर नगर इलाके में था, जहां से कुछ लोग जबरन बोलेरो में बिठाकर ले गए। कॉल में युवक ने बताया कि बदमाश उसे पीट रहे हैं और 8 लाख रुपये की डिमांड कर रहे हैं। इसके तुरंत बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया, जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया।
3 जुलाई को पीड़ित के परिजनों ने विद्याधर नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला बेहद संवेदनशील था, लिहाजा डीसीपी नॉर्थ राशि डोगरा डूडी के निर्देशन में तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। एसीपी शिवरतन गोदारा और विद्याधर नगर थानाधिकारी राकेश ख्यालिया के नेतृत्व में करीब एक दर्जन टीमें गठित की गईं।
पुलिस ने सर्विलांस टीम को एक्टिव किया और घटनास्थल से लेकर संभावित रूट तक के 250 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान पुलिस को एक बोलेरो कैम्पर की जानकारी मिली, जिसमें युवक को बैठाकर बदमाश शहर में घूम रहे थे।
सादी वर्दी में महिला पुलिसकर्मियों को कैंपर गाड़ी में बैठाकर चंदवाजी क्षेत्र में ट्रैप लगाया गया। जैसे ही बोलेरो वहां पहुंची, पुलिस ने घेराबंदी कर दी। लेकिन बदमाश गाड़ी दौड़ाकर मौके से भाग निकले। इसके बाद करीब 30 किलोमीटर तक पीछा चला। रास्ते में कुछ आरोपी बोलेरो से कूदकर फरार हो गए, जबकि पुलिस ने युवक को सुरक्षित छुड़ा लिया।
जांच में सामने आया कि अपहरण का कारण एक पुराना लेन-देन का विवाद था। छात्र अपने एक दोस्त के साथ विद्याधर नगर आया था। दोस्त का अपहरणकर्ताओं में से एक से पैसों का विवाद था। बातचीत के दौरान दोस्त मौका पाकर भाग गया, जबकि बदमाशों ने छात्र को पकड़ लिया और अगवा कर लिया।
बदमाश छात्र के मोबाइल से उसके परिजनों को कॉल करते थे और फिरौती की मांग करते थे। हर कॉल के बाद वे मोबाइल बंद कर देते और लगातार लोकेशन बदलते रहते थे, जिससे ट्रेस करना मुश्किल हो गया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस वारदात में एक संगठित गिरोह शामिल है, जिसका मास्टरमाइंड फिलहाल फरार है। फिलहाल पुलिस ने छात्र को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर दिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।




















