बूंदी: आसमान से बरसते पानी ने जिले में हालात बिगाड़ दिए. नदी-नाले उफान पर हैं. शहर और गांवों में जलभराव से आमजन परेशान है.नैनवा में 30 घंटे में 500 एमएम बारिश के चलते बाढ़ के हालात हो गए व जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. सेना व प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा. इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का शनिवार शाम का बूंदी का प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया गया. बिरला यहां सर्किट हाउस में जनसुनवाई और तीज महोत्सव के कवि सम्मेलन में शामिल होने वाले थे, लेकिन बाढ़ जैसे हालात को देखते दौरा निरस्त कर दिया.
नदी-नाले उफान पर: नैनवा उपखंड क्षेत्र में आसमान से आफत की बारिश बरसी. पिछले 30 घंटों में 500 एमएम बारिश दर्ज की गई. इससे कस्बे और ग्रामीण अंचल में हालात बिगड़ गए. हर ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है. नदी-नाले उफान पर हैं. दर्जनों गांव पानी से घिर गए. घरों में पानी घुस गया. खेत तालाब बन गए. सड़कें नदियों में तब्दील हो गई. निचले इलाकों के लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन को मजबूर हैं. हालात बिगड़ते ही सेना, सिविल डिफेंस और प्रशासनिक अमला मोर्चा संभालने में जुट गया.
जलभराव क्षेत्रों का जायजा: जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने नैनवा क्षेत्र का जायजा लिया. अधिकारियों को राहत व बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए. एसपी राजेंद्र मीणा, सीईओ रवि वर्मा, एसडीएम प्रीति मीणा, तहसीलदार रामराय मौके पर डटे हैं. सेना की टीमें बाढ़ग्रस्त गांवों में भेजी गई. नावों और रेस्क्यू बोट की मदद से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. प्रशासन ने स्कूलों व धर्मशालाओं में अस्थायी राहत शिविर बनाए हैं. इधर, बूंदी शहर के कई इलाकों में पानी भर गया. नगर परिषद सभापति सरोज अग्रवाल और आयुक्त धर्मेंद्र मीणा ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया. लोगों से अपील की कि जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें.
गांव अलग-थलग: लगातार बारिश और बाढ़ के चलते बूंदी व कोटा का टोंक और सवाई माधोपुर से संपर्क टूट गया. कई प्रमुख मार्ग बंद हो गए. सैकड़ों गांवों का आवागमन बाधित है. ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन तक पहुंचना कठिन हो गया.
लोगों को किया रेस्क्यूः इधर, जिले से पानी के दो वीडियो वायरल हो रहे हैं. इनमें एक वीडियो लाखेरी मंदिर में दर्शन करने गया दंपती का है, जो अचानक तेज बहाव में फंस गया. इसे एसडीआरएफ और लोगों ने रस्सी की मदद से बड़ी मुश्किल से निकाला. वहीं, दूसरा वीडियो गरढदा की रीवा नदी पर पुलिया बहने का है. पुलिया के दूसरी ओर फंसे लोगों को जान जोखिम में डालकर रस्सी के सहारे निकाला गया.
कमलेश्वर महादेव मंदिर टापू में तब्दील: जिले के इंद्रगढ़ का ऐतिहासिक कमलेश्वर महादेव मंदिर पानी से घिर गया. मंदिर तक पहुंचने वाले सभी रास्ते डूब गए. कई श्रद्धालु मंदिर में फंसे हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास सेना और सिविल डिफेंस कर रही है. आसपास की दुकान डूब चुकी है.
उफान पर चाकन नदी : चाकन नदी उफान पर है. उसके आसपास के गांव जलमग्न हो गए. चंबल नदी में रिवर्स फ्लो से स्थिति और गंभीर हो गई. बैकवाटर के कारण निचले इलाकों में तेजी से पानी बढ़ रहा है. इससे खेतों में फसलें चौपट हो गई. ग्रामीण क्षेत्रों का जनजीवन ठप हो गया. प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे अफवाह पर ध्यान न दें और बिना जरूरत घरों से ना निकलें. प्रशासन ने कहा कि सभी प्रभावितों की मदद के लिए टीमें 24 घंटे कार्य कर रही हैं.
कांग्रेस की रणनीति पर भी ब्रेक: तेज बारिश और बाढ़ जैसे हालात ने राजनीतिक गतिविधियों पर असर डाल दिया. कांग्रेस की स्मार्ट मीटर मुद्दे पर बुलाई बैठक आखिरी वक्त पर रद्द करनी पड़ी. विधायक हरिमोहन शर्मा ने कार्यकर्ताओं से साफ कहा कि यह बैठक का नहीं बल्कि आमजन की मदद करने का समय है. कार्यकर्ताओं से प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों में जुटने की अपील की. शर्मा ने शनिवार को खटखट और आसपास के गांवों में हालात देखे. ग्रामीणों की समस्याएं सुनी.




















