बूंदी: जिले की सदर थाना पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे रेंज स्तरीय विशेष अभियान ‘एरिया डोमिनेन्स’ के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए 50 हजार के इनामी कुख्यात अपराधी करणनाथ कालबेलिया को गिरफ्तार किया है. यह शातिर बदमाश जोधपुर में अर्जुन नाम से कारीगरी का काम करते हुए लगातार पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था. आरोपी की गिरफ्तारी मंडलगढ़ से की गई, जहां वह अपने गांव लौटते समय पुलिस के हत्थे चढ़ गया.
कई जिलों में दर्ज हैं गंभीर आपराधिक मुकदमे : पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार करणनाथ कालबेलिया के खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, चोरी व नकबजनी जैसे गंभीर श्रेणी के कुल 5 मुकदमे विभिन्न जिलों में दर्ज हैं. इन मामलों में लम्बे समय से फरार चल रहे करणनाथ की गिरफ्तारी के लिए राज्य पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था.
नाम बदलकर रह रहा था जोधपुर की बस्तियों में : आरोपी अपनी पहचान छुपाने के लिए अर्जुन नाम से जोधपुर की कालबेलिया व मजदूर बस्तियों में छिपकर रहता था. वह मकान निर्माण साइटों पर कारीगरी और दिहाड़ी मजदूरी करता था. वह अक्सर स्थान और नाम बदलता रहता था, जिससे पुलिस को भ्रम में डाल सके.
आईजी के निर्देश पर बनी विशेष टीम ने ढूंढ निकाला : कोटा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ‘एरिया डोमिनेन्स’ अभियान के तहत बूंदी जिले में पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई थीं. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमा शर्मा, वृताधिकारी अरुण कुमार और सदर थाना प्रभारी रमेशचंद आर्य के निर्देशन में विशेष टीम को आरोपी की तलाश में जोधपुर भेजा गया. टीम ने जोधपुर की मजदूर बस्तियों में रह रहे कारीगरों व कामगारों के बीच कई दिन तक सर्च अभियान चलाया. इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि करणनाथ ऊर्फ अर्जुन अपने गांव अरनिया पंथ, थाना शंभूपुरा, जिला चित्तौड़गढ़ के लिए रवाना हो गया है.
मंडलगढ़ में घेराबंदी कर दबोचा : सूचना मिलते ही पुलिस ने रणनीति बनाकर मंडलगढ़ क्षेत्र में घेराबंदी की और आरोपी को रास्ते में ही पकड़ लिया. आरोपी को हिरासत में लेकर बूंदी लाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है. थाना प्रभारी रमेशचंद आर्य ने बताया कि करणनाथ कालबेलिया बेहद शातिर किस्म का अपराधी है. यह अलग-अलग नामों से पहचान बनाकर कारीगरी का काम करता था. जोधपुर में लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था. उसे पकड़ने के लिए टीम ने गहन तलाश की और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया. जिसके परिणाम स्वरूप गिरफ्तारी संभव हो सकी.




















