अलवर : विशिष्ट न्यायालय पॉक्सो संख्या 1 ने नाबालिग से दुष्कर्म प्रकरण में अहम फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई. साथ ही आरोपियों को 47 हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया. दो आरोपियों में एक बाल अपचारी है, जिसे 21 साल की उम्र तक बाल संप्रेक्षण गृह में रखा गया है. वहीं, दूसरे आरोपी ने इस घटना में बाल अपचारी का साथ दिया था.
विशिष्ट लोक अभियोजक विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि ने यह प्रकरण दिसंबर 2023 का है. पीड़िता के मौसा ने जिले के थाने में प्रकरण दर्ज कराया कि पीड़िता उनके पास रहकर स्कूल में पढ़ाई करती थी. रोजाना स्कूल से आते-जाते समय आरोपी पीड़िता का पीछा करते थे. 19 दिसंबर को घटना के दौरान दोनों आरोपियों के साथ कुछ अन्य लोग घर में आए और उसकी पत्नी के साथ मारपीट कर पीड़िता को जबरन बाइक पर बिठाकर ले गए. पीड़िता को बांदीकुई ले जाकर बाल अपचारी ने एक कमरे में नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया. इसमें एक और आरोपी ने भी साथ दिया था.
उन्होंने बताया कि पीड़िता के घर लौटने के बाद पीड़िता ने अपने साथ हुई बर्बरता के बारे में परिजनों को बताया. इसके बाद पीड़िता के मौसा ने थाने में प्रकरण दर्ज कराया, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बाल अपचारी व साथी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया. विशिष्ट लोक अभियोजक शर्मा ने बताया कि प्रकरण में सुनवाई के दौरान 30 गवाह व 46 दस्तावेजों को परीक्षित कराया गया. दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश जगेंद्र अग्रवाल ने दोनों आरोपियों को 20 साल के कठोर कारावास की सजा व 47 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया. विशिष्ट लोक अभियोजक विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि न्यायाधीश जगेंद्र अग्रवाल ने बाल अपचारी को संप्रेषण गृह भेजने के निर्देश दिए, जबकि सहयोगी को जेल भेजा गया.




















