जयपुर: दिल्ली में संसद सत्र शुरू होने के साथ ही राजस्थान में भी 16वीं विधानसभा का चौथा सत्र आहूत की तैयारी शुरू हो गई है. विधानसभा का यह सत्र अगस्त के अंतिम या सितंबर के पहले सप्ताह में बुलाया जा सकता है. इस बार विधानसभा में राजस्थान कोचिंग सेंटर नियंत्रण और विनिमयन विधेयक 2025, राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2025 जैसे महत्वपूर्ण बिल पास हो सकते हैं.
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि पिछली बार 24 मार्च तक विधानसभा सत्र चला था. ऐसे में 6 महीने के अंदर सत्र बुलाने के प्रावधान है, इसलिए सरकार अगस्त के अंतिम सप्ताह या सितंबर के पहले सप्ताह में विधानसभा सत्र बुला सकती है. उन्होंने बताया कि इस बारे में मुख्यमंत्री, मंत्रीमंडल के सदस्य और विधानसभा अध्यक्ष से चर्चा के बाद सत्र आहूत करने की तिथि की घोषणा की जाएगी. इसे राज्यपाल की अनुमति के लिए भेजा जाएगा. इसके बाद सत्र आउट होगा.
बता दें कि सामान्य स्थिति में विधानसभा का सत्र आहूत करने के लिए 21 दिन पहले नोटिस दिया जाता है. बताया जा रहा है कि पिछले सत्र के दौरान जिन तीन विधेयकों को प्रवर समिति को सौंपा गया था, उनकी रिपोर्ट भी आगामी सत्र के दौरान सदन के पटल पर आएगी.
इन कानूनों की रिपोर्ट रखेंगे सदन में:
- राजस्थान भूजल संरक्षण और प्रबंधन प्राधिकरण विधेयक, 2024
- राजस्थान भू-राजस्व संशोधन एवं विधि मान्यकरण विधेयक, 2025
- राजस्थान कोचिंग सेंटर नियंत्रण और विनिमयन विधेयक, 2025
धर्म परिवर्तन विरोधी विधेयक लाया जाएगा: राजस्थान विधानसभा सत्र के दौरान भजनलाल सरकार धर्म परिवर्तन पर एक विधेयक पारित करवा सकती है. इस विधेयक को पहले बजट सत्र के दौरान स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने पेश किया था, जिसका नाम ‘राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध विधेयक- 2025’ है. अब इस पर विधानसभा में चर्चा होगी, यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो राजस्थान में धर्म परिवर्तन करना आसान नहीं होगा. बता दें कि विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय और प्रदेश नेताओं ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात कर धर्म परिवर्तन पर सख्त कानून बनाने की मांग की थी. माना जा रहा है कि इसी मांग के मद्देनजर सरकार इस सत्र में इस विधेयक को पारित करवाएगी.
आखिर क्या है धर्म परिवर्तन विधेयक? दरअसल, इस विधेयक में जबरन धर्म परिवर्तन की रोकथाम का प्रावधान है. इस कानून के तहत किसी भी व्यक्ति का धर्म धोखे से, प्रलोभन देकर या धमकी देकर नहीं बदला जा सकेगा. जबरन धर्मांतरण को गैर कानूनी माना है. इसके लिए कठोर सजा का प्रावधान रखा गया है. इस विधेयक के तहत कोई व्यक्ति अगर धर्म परिवर्तन कराएगा और विवाह करता है, तो न्यायालय उसे अमान्य घोषित कर सकता है. धर्म परिवर्तन पर 60 दिन पहले कलेक्टर को सहमति की सूचना देनी होगी.




















