जयपुर: 10 दिन पहले प्रत्येक विद्यालय की फिजिकल सुरक्षा जांच अनिवार्य की गई थी और क्षतिग्रस्त/जर्जर हिस्सों को तुरंत दुरुस्त करने के आदेश जारी किए गए थे. झालावाड़ जिले पीपलोदी गांव के एक सरकारी स्कूल में छत गिरने की घटना के बाद राज्य शिक्षा विभाग का ये ऑर्डर भी सामने आया है. हालांकि, शिक्षा शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने स्पष्ट किया कि ये आदेश जारी होने के बाद संबंधित स्कूल से जुड़े सीबीईओ ने ये रिपोर्ट भी पेश की थी कि स्कूल में किसी तरह की कोई समस्या नहीं है. ऐसे में इस तरह की जांच पर सवाल उठ रहे हैं.
झालावाड़ के पीपलोदी में हुए हादसे के बाद जहां शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल झालावाड़ के लिए रवाना हुए, वहीं इस हादसे ने ये स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश के कई स्कूल भवन अब भी खतरे की जद में हैं. हालांकि, इस घटना से 10 दिन पहले ही शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया था कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों पीईईओ और यूसीईईओ के माध्यम से स्कूल परिसरों की तत्काल जांच कराएं.

ये आदेश किए गए थे जारी :
- विद्यालयों में जल स्त्रोत के क्षतिग्रस्त/जर्जर या खुला होने पर दुर्घटना को आशंकित करता है, संस्था प्रधान की ओर से इसका शीघ्र समाधान करवाया जाए.
- कुएं, टैंक आदि अन्य जल स्त्रोतों के पास जाने के लिए विद्यार्थियों को प्रतिबंधित किया जाए. विद्यालय परिसरों में जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए.
- ये सुनिश्चित करें कि कक्षा-कक्ष की छत सुरक्षित हो, उसमें सीलन, पानी टपकना, प्लास्टर, पट्टी आदि क्षतिग्रस्त ना हो. यदि है तो विद्यार्थियों को वहां नहीं बैठाया जाए.
- बिजली की वायरिंग और प्वाइंट को व्यवस्थित रखा जाए. खुले तार पाए जाने की स्थिति में उनकी टेपिंग कराई जाए और विद्यार्थियों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए.
- पीईईओ/यूसीईईओ के माध्यम से उनके अधीन विद्यालयों के संबंध में एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत कराएं कि उनके परिक्षेत्र में सभी विद्यालयों का निरीक्षण कर लिया गया है. विद्यालय परिसर सुरक्षित है और सुरक्षा मानकों में कमी को दूर कर लिया गया है.
- बहरहाल, झालावाड़ की घटना दुखद है और एक चेतावनी भी है, लेकिन यदि प्रशासन समय रहते चेत जाता तो इतनी दर्दनाक घटना नहीं होती. इस घटना ने ये सवाल भी उठाए हैं कि क्या ये दिशा-निर्देश जमीन पर पूरी तरह उतर पाते हैं? और क्या वाकई मानसून में राज्य के लाखों बच्चों की जान महफूज रह सकेगी?




















