कोटा: हाड़ौती संभाग के सभी जिलों में प्रशासन ने भारी बारिश की चेतावनी दी थी. इसे लेकर एहतियाती कदम उठा गए. कोटा जिले में नदी नालों और ज्यादा बहाव के क्षेत्रों में पुलिस कार्मिकों की ड्यूटी भी लगाई गई. जिला प्रशासन ने सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टी कर दी, लेकिन शनिवार को मौसम का पूर्वानुमान उलटा नजर आया. मौसम चेतावनी के विपरीत रहा. पूरे संभाग में सुबह से धूप निकली और मौसम खुला रहा. बरसात शुक्रवार रात 12:00 बजे बंद हो गई थी.
कोटा, बारां और झालावाड़ जिले में शनिवार सुबह से दोपहर तक कहीं बारिश नहीं हुई. तीनों जिलों में धूप खिली जबकि बूंदी में धूप नहीं निकली लेकिन बारिश भी नहीं हुई. बूंदी के नैनवा इलाके में पहले हुई बारिश से एक सरोवर के ओवरफ्लो होने से बाढ़ जैसे हालात बने हैं. श्री सराफा बोर्ड कोटा के अध्यक्ष सुरेंद्र गोयल विचित्र का कहना है कि आपदा प्रबंधन का भारी बारिश का मैसेज मिला, लेकिन मौसम इससे उल्टा रहा. देर रात को ही बारिश बंद हुई, जिसके बाद सूखा है. बारां निवासी महेंद्र पंचोली मिन्की का कहना है कि सुबह से तेज धूप निकली है. झालावाड़ के वैभव जोशी ने कहा कि बारिश का नामोनिशान नहीं है.
हमारा अलर्ट 19 जुलाई सुबह 8:30 बजे तक ही था. 19 जुलाई को सुबह जारी किए बुलेटिन में हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी है. हालांकि 17 जुलाई सुबह 8:30 से 19 जुलाई सुबह 8:30 तक भारी बारिश की चेतावनी थी और बारिश कई जगह पर हुई भी. इसके चलते लॉ लाइन एरिया में पानी भर जाता है. कोटा संभाग में बांधों से भी काफी पानी छूटता है. नदी-नाले उफनने के बाद उनमें उतार में भी एक-दो दिन लगता है. कई इमारतों में पानी भरने या रास्तों पर पानी आ जाने के चलते बच्चों के स्कूल जाने में समस्या आ सकती है. बारिश के एक-दो दिन बाद भी बिल्डिंग गिरने का खतरा रहता है इसलिए भी छुट्टी प्रशासन ने की होगी.
बैराज 3 गेट खोले, छोड़ा 25 हजार क्यूसेक पानी : कोटा बैराज की कैचमेंट एरिया और जवाहर सागर बांध से छोड़े जा रहे पानी से चंबल नदी में पानी की आवक बनी है. कोटा बैराज के लेवल को मेंटेन रखने के लिए चंबल नदी में पानी छोड़ा जा रहा है. वर्तमान में कोटा बैराज के तीन गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है. जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता नितेश कुमार वर्मा ने कहा कि पहले केवल दो गेट खोलकर 5 से 7 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई, लेकिन तड़के से ही निकासी बढ़ा दी गई. अभी 3 गेट 7-7 फीट खोलकर 25 हजार 383 क्यूसेक पानी की निकासी कर रहे हैं. कोटा बैराज की भराव क्षमता 854 फीट है. वर्तमान में जलस्तर 852.40 फीट है, जिसे 852 पर मेंटेन किया जाएगा.
दो दर्जन प्वाइंट पर जाप्ता: बीते दिनों चंबल और अन्य नदियों में हादसों के बाद प्रशासन ने एहतियात बरती है. जिला प्रशासन ने पीपल्दा से करवाड़ रोड पर सुखनी नदी पुलिया, खातौली सवाई माधोपुर रोड पर कैथूदा चंबल नदी पुलिया, खतौली से करवाड़ रोड पर माल मदनपुरा मार्ग, छापौल से बिशनपुरा मार्ग, सुकेत थाना इलाके में पीलियाखाल, पाटनी नाला जुल्मी रोड सुकेत, नेशनल हाईवे 52 पर मोडक थाना इलाके के साथ दरा की नाल में सात जगह जाप्ता लगाया है. कैथून थाना पुलिस ने भी पांच जगह ड्यूटी लगाई है. इनमें संजय नगर नदी के नजदीक, बस स्टैंड के पास, मवासा पुलिया के साथ दो अन्य जगह है. सांगोद कस्बे में उजाड़ नदी पुलिया, मोईकलां खुर्द गाडरवारा उजाड़ नदी, किशनपुरा उजाड़ नदी और खजूरी नांगली नदी पर जाप्ता लगाया है. यहां पुलिसकर्मियों को तैनात किया.




















