जयपुर: स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग में जयपुर ग्रेटर नगर निगम और हेरिटेज नगर निगम ने बड़ी छलांग लगाई है. जयपुर ग्रेटर नगर निगम को 16वी रैंक मिली है, जबकि हेरिटेज नगर निगम को 20वीं रैंक मिली है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित एक समारोह में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू की उपस्थिति में स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 पुरस्कार दिए.
बता दें कि हेरिटेज नगर निगम पहले 171वें स्थान पर था, जबकि ग्रेटर नगर निगम 173वें पायदान पर था. इसके अलावा 20 से 50 हजार की जनसंख्या में राजस्थान के डूंगरपुर ने देशभर में टॉप किया है. डूंगरपुर को स्मॉल सिटी सुपर स्वच्छ लीग में शामिल किया गया है. यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा में दिल्ली में यह अवार्ड प्राप्त किया. इस दौरान ग्रेटर नगर निगम के महापौर सौम्या गुर्जर भी मौजूद रही.
रैंकिंग सुधरने के प्रमुख कारण: रैंकिंग सुधारने के लिए हाल ही में नगर निगम ग्रेटर और हेरिटेज ने वेस्ट टू एनर्जी प्लांट, कंस्ट्रक्शन वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट की शुरुआत की थी. निगम के अंकों में बढ़ोतरी के लिए अहम रहा. दोनों निगमों की टीमों ने इस बार काफी मेहनत की और सर्वेक्षण की तैयारियों और सर्वे का काम पूरा करवाया गया. इस कारण जयपुर ग्रेटर नगर निगम और जयपुर हेरिटेज नगर निगम ने रैंकिंग में एक लंबी छलांग लगाई.
डूंगरपुर को मिला सुपर स्वच्छ लीग सिटी का अवॉर्ड: राजस्थान के सबसे स्वच्छ शहर डूंगरपुर ने स्वच्छता के क्षेत्र में एक बार फिर परचम लहराया है. राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में राजस्थान से एक मात्र डूंगरपुर नगर परिषद को गुरुवार को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में सुपर स्वच्छ लीग सिटी का अवॉर्ड मिला. प्रदेश के स्वायत्त शासन मंत्री झाबरसिंह खर्रा, डूंगरपुर सभापति अमृत कलासुआ और आयुक्त सांवरमल आबासरा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों यह पुरस्कार ग्रहण किया. गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में डूंगरपुर शहर पिछले 5 साल से लगातार अलग – अलग श्रेणी के राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल करता आया है. इधर सभापति और उनकी टीम पुरस्कार लेकर दिल्ली से शुक्रवार को डूंगरपुर लौटेगी. टीम के लौटने पर शहर में सम्मान यात्रा निकाली जाएगी.
डूंगरपुर ने अब तक 5 अवॉर्ड जीते: डूंगरपुर शहर ने वर्ष 2018 में पहली बार स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लिया. नगरपरिषद के तत्कालीन सभापति केके गुप्ता ने शहर को स्वच्छ सर्वेक्षण में अव्वल लाने की कवायद शुरू की. वर्ष 2019 और 2020 के स्वच्छ सर्वेक्षण में डूंगरपुर राजस्थान में अव्वल रहा, जबकि वर्ष अगले ही वर्ष यानी 2021 में डूंगरपुर पूरे देश में छोटे शहरों में सबसे साफ शहर का खिताब जीतने में कामयाब रहा.
जनसंख्या के आधार पर वर्गीकरण:
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में पहली बार शहरों को जनसंख्या के आधार पर पाँच श्रेणियों में बाँटा गया:
- बहुत छोटे शहर: 20,000 से कम जनसंख्या
- छोटे शहर: 20,000 – 50,000 जनसंख्या
- मध्यम शहर: 50,000 – 3 लाख जनसंख्या
- बड़े शहर: 3 – 10 लाख जनसंख्या
- महानगर: 10 लाख से अधिक जनसंख्या




















