जयपुर. मोठ की फली की खेती राजस्थान में होती है. यह केवल बारिश के दिनों ही मिलती है. यानी 12 महीने में से केवल 4 महीने तक ही इस फली की सब्जी खाने का मौका मिलता है. राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी सब्जी काफी अधिक बनाई जाती है. यह सब्जी बहुत अधिक टेस्टी और सेहत के लिए फायदेमंद है. जिम करने वाले लोगों के लिए यह सब्जी सबसे अधिक फायदा पहुंचती है.
गृहिणी रेशमा जाजोदिया ने बताया कि आमतौर पर मोठ की फलिया जून से सितंबर तक मिलती है. इसके बाद फलिया पकने लगती है और मोठ बाहर आने लगते हैं. उन्होंने बताया कि इसकी फलियों का उपयोग सब्जी, दाल, अंकुरित रूप और स्प्राउट्स के रूप में किया जाता है, जो स्वाद और सेहत दोनों के लिए फायदेमंद है.
मोठ की फली से सब्जी बनाने की रेसिपी
गृहिणी रेशमा जाजोदिया ने बताया कि साबुत मोठ की सब्जी बनाने के लिए 250 ग्राम साबुत मोठ की फली धोकर काट लें, 2 टमाटर (बारीक कटे हुए), 1 प्याज (बारीक कटा हुआ), 2 हरी मिर्च (कटी हुई), 1/2 छोटा चम्मच हल्दी, 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर , 1/2 छोटा चम्मच जीरा, 1/2 छोटा चम्मच गरम मसाला , नमक स्वादानुसार, 2 बड़े चम्मच तेल और हरा धनिया की आवश्यकता होती है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले कड़ाही में तेल गर्म करें और जीरा डालें. इसके बाद प्याज और हरी मिर्च डालकर सुनहरा होने तक भूनें. फिर टमाटर डालकर मसालों (हल्दी, धनिया पाउडर, नमक) के साथ पकाएं. इसके बाद मोठ की फलियां डालकर अच्छी तरह मिलाएं. फिर थोड़ा पानी डालकर ढक्कन लगाकर 15-20 मिनट तक पकाएं. इस तरह तैयार हो जाएगी गरमा-गरम मोठ की फली की सब्जी.
मोठ की फली खाने के फायदे
आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि इसमें कैल्शियम और फास्फोरस की अच्छी मात्रा होती है, जो हड्डियों के लिए लाभदायक है. इसके अलावा इनमें फाइबर और प्रोटीन भरपूर मात्रा में होती है, जो भूख को नियंत्रित करता है और वजन घटाने में मदद करता है. इसलिए जिम जाने वाले लोगों को मोठ की सब्जी जरूर खानी चाहिए. इसके अलावा इसमें मौजूद फाइबर कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में सहायक है. डॉक्टर ने बताया कि मोठ की फली न केवल स्वादिष्ट व्यंजनों का हिस्सा है, बल्कि यह सेहत के लिए भी कई तरह से फायदेमंद है.




















