जयपुर: भाजपा की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा को मालेगांव ब्लास्ट मामले में बरी कर दिया गया. इस पर साध्वी प्रज्ञा ने इसे भगवा और हिन्दुत्व की जीत बताया. इस मामले पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने गुरुवार को कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में कहा कि साध्वी प्रज्ञा के पक्ष में कोर्ट के फैसले को भगवा और देश की जीत बताना गलत है. डोटासरा ने कहा कि अगर साध्वी प्रज्ञा की जगह कोई अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़ा व्यक्ति होता, तो क्या भाजपा के नेताओं के बयान तब भी यही होते.
डोटासरा ने कहा कि कोर्ट के फैसले पर तो मैं नहीं जाऊंगा. लेकिन मैं इतना ही कहूंगा कि अदालत भी इन्हीं की है, यही फैसला सुनाने वाले हैं. हमें तो तकलीफ है कि भाजपा सरकार उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड के आरोपियों को 3 साल के बाद भी सजा नहीं दिला पाई. हमारी पुलिस ने हत्याकांड के आरोपियों को 4 घंटे बाद ही गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन उसके बाद यह केस एनआईए ने अपने हाथ में ले लिया. अब 3 साल गुजर जाने के बाद भी भाजपा की सरकार आरोपियों को सजा नहीं दिला पाई.
प्रधानमंत्री ट्रंप का नाम नहीं लेते, तब 25 फीसदी टैरिफ लगाया: डोटासरा ने अमेरिका की ओर से भारत पर 25% टैरिफ लगाने को लेकर कहा कि डोनाल्ड ट्रंप, प्रधानमंत्री मोदी को तोहफा दे रहे हैं. अगर मोदी, ट्रंप का नाम ले नाम ले लेते तो पता नहीं क्या होता. अमेरिका कह रहा है कि भारत को पाकिस्तान से तेल लेना पड़ेगा. इससे शर्मनाक बात देश के लिए कुछ और नहीं हो सकती है. हमारे प्रधानमंत्री लोकसभा, राज्यसभा और मीडिया में भी नहीं बोल रहे हैं. उनसे नहीं बोला जा रहा, तो हम लिख कर दे देंगे. लोगों के समझ में आ गया है कि पीएम मोदी से कमजोर प्रधानमंत्री और राजस्थान में भजनलाल शर्मा से कमजोर मुख्यमंत्री आज तक कोई नहीं हुआ है.
लोगों को निजात दिलाने की बजाय रील बना रहे मुख्यमंत्री: प्रदेश में हो रही अतिवृष्टि को लेकर डोटासरा ने कहा कि राजधानी सहित प्रदेश के कई जिलों में अतिवृष्टि हो रही है. ऐसे में हम सबका कर्तव्य बनता है कि हम लोगों को कैसे सुचारू जीवन दे सकें. लेकिन मुख्यमंत्री दिल्ली में प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष के यहां हाजिरी लगा रहे हैं. अधिकारी भी फील्ड में काम नहीं कर रहे हैं. अतिवृष्टि से लोगों को राहत देने की बजाय मुख्यमंत्री अपने काफिले के साथ जयपुर में रील बना रहे हैं. मुख्यमंत्री और मंत्रियों को तमाम जिलों में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेना चाहिए.
पंचायत चुनाव नहीं कराना चाहती सरकार: पंचायत चुनाव को लेकर गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि सरकार जानबूझकर चुनाव नहीं करवा रही है. राज्य चुनाव आयुक्त मधुकर गुप्ता ने भी कहा है कि सरकार की मंशा चुनाव कराने की नहीं है. सरकार को 4 जून को पंचायत के पुनर्गठन और परिसीमन को लेकर फैसला लेना था, लेकिन अब इतने दिन बीत चुके हैं, अभी तक सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है.
जर्जर स्कूलों का सर्वे नहीं करी सरकार: डोटासरा ने कहा कि प्रदेश में सरकार जर्जर स्कूलों का सर्वे करवाने की बजाय पूर्ववर्ती सरकार के समय बने स्कूलों की जांच की बात कर रही है, जो गलत है. सरकार का कहना है कि 5 साल में जो भवन बने हैं, उसकी जांच कराएंगे. लेकिन उन भवनों का तो गारंटी पीरियड होता है. अगर कुछ गड़बड़ है, तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी. झालावाड़ वाली घटना को 10 दिन हो गए, लेकिन मुख्यमंत्री की तरफ से प्रदेश की स्कूलों के भवनों की मरम्मत को लेकर अब तक एक भी बयान नहीं आया है.




















