सवाईमाधोपुर: जिले में मंगलवार व बुधवार की दरमियानी रात में मूसलाधार बारिश हुई. इससे बाढ़ के हालात पैदा हो गए. घरों में पानी भर गया. रेल की पटरियां पानी में डूब गई. नदी नाले उफान पर हैं. जिले से गुजरने वाली चंबल नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी. स्थानीय विधायक और मंत्री डॉ किरोड़ीलाल मीणा ने जलभराव वाले इलाकों का दौरा कर प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए.
जिले में मंगलवार रात से भारी बारिश शुरू हुई, जो बुधवार सुबह तक जारी रही. इसके चलते जिले की चंबल, बनास, गलवा, मोरल, गंभीरा सहित अधिकांश नदी-नाले उफन गए. रणथंभौर के पहाड़ों से पानी का तेज बहाव आया, जिससे जिला मुख्यालय के बीचों-बीच बहने वाला लटिया नाला उफान पर है. जिला मुख्यालय की राजबाग, मिर्जा मोहल्ला, खटीक मोहल्ला, राजनगर और जटवाड़ा सहित दर्जनों कॉलोनियां जलमग्न हो गई हैं. कई घरों में दो से तीन फीट पानी भर गया है. घरेलू सामान खराब हो गए. बारिश के कारण जिला मुख्यालय के अंसारी मोहल्ले और मिर्जा मोहल्ले में कुछ लोगों के घरों में पानी भर गया. यहां एक गर्भवती महिला को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया है. जिले में हुई बारिश से कई गांव, कॉलोनियां और मोहल्ले जलमग्न हो गए.
रेलवे ट्रैक हुआ जलमग्न: शहर के कई बाजारों में पानी घुस गया. इसके चलते दुकानों में पानी भर गया. दुकानदारों का सामान खराब हो गया. कई पशु लटिया नाले के उफान में बह गए. बारिश के कारण सवाईमाधोपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रैक पूरी तरह जलमग्न नजर आया. कलेक्ट्रेट सहित दर्जनों सरकारी कार्यालयों, थानों और बिल्डिंगों में पानी भर गया.
गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा: ग्रामीण इलाकों में दर्जनों गांव ऐसे हैं, जिनका जिला मुख्यालय से पूरी तरह संपर्क कट गया है. नदी-नालों के उफान पर आने से रास्ते अवरुद्ध हो गए. कई गांव जलमग्न हो गए हैं. इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जिले में भारी बारिश के कारण टोंक-चिरगांव नेशनल हाईवे 552 पर एक पुलिया टूट गई है, जिससे खंडार उपखंड क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है. राजस्थान का मध्य प्रदेश से भी संपर्क टूट गया है. चंबल नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसके चलते प्रशासन द्वारा खंडार क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में अलर्ट जारी किया गया है.
प्रशासन अधिकारियों ने लिया जायजा: जिला कलेक्टर कानाराम ने प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ जलभराव वाली जगहों पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया. उन्होंने लोगों से पानी वाली जगहों से दूर रहने की अपील की है. उनका कहना है कि जलभराव से जिन लोगों को नुकसान हुआ है, उसका सर्वे करवाकर उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा. जिले में सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को जगह-जगह तैनात किया गया है. खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल का कहना था कि क्षेत्र में बारिश से उत्पन्न विकट हालात पर प्रशासन और सरकार की नजर है. वे खुद ग्राउंड पर मौजूद है. मुख्यमंत्री भी लगातार जानकारी ले रहे हैं और लोगों की हर संभव मदद की जा रही है.
मंत्री किरोड़ी मीणा पहुंचे फील्ड में: स्थानीय विधायक एवं प्रदेश के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा सवाईमाधोपुर पहुंचे और जलभराव वाली जगहों का दौरा कर हालात का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए. बुधवार दोपहर तक बारिश का दौर थम गया था. धीरे-धीरे पानी भी उतरने लगा था.
बारिश के हालात पर एक नजर:
- जिला मुख्यालय के राजबाग, मिर्जा मोहल्ला, खटीक मोहल्ला सहित दर्जनों कॉलोनियों में पानी भर गया
- लटिया नाला उफान पर, सैकड़ों घरों और दुकानों को नुकसान.
- रेलवे ट्रैक जलमग्न, कई सरकारी कार्यालयों में पानी भरा.
- टोंक-चिरगांव हाईवे पर पुलिया टूटी, खंडार क्षेत्र के सैकड़ों गांव कटे.
- सिविल डिफेंस टीम ने अंसारी मोहल्ले से गर्भवती महिला सहित कई लोगों को रेस्क्यू किया.
- जिले के 18 में से 6 बांध भरे.
- चंबल नदी खतरे के निशान से ऊपर बही.
- राजस्थान मध्यप्रदेश का संपर्क कटा.




















