अलवर. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने उच्चतम न्यायालय की ओर से बुधवार को सरिस्का के सीटीएच प्रस्ताव को लेकर दिए ऐतिहासिक फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सरिस्का के बाघों, जंगलों और प्रकृति की आत्मा को न्याय मिला है. इस फैसले के लिए सर्वोच्च न्यायालय का आभार व्यक्त करता हूं, जिसने न केवल लोगों व वन्यजीव प्रेमियों की बात को सुना, बल्कि सरकार के खनन-परस्त फैसले पर करारा तमाचा भी मारा.
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा बिना वैज्ञानिक आधार, पारदर्शिता और पर्यावरणीय मूल्यांकन कर नया सीटीएच ड्राफ्ट तैयार किया गया था, उसे सुप्रीम कोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया. साथ ही यह स्पष्ट कर दिया कि जब तक सर्वोच्च न्यायालय की अनुमति न हो, सरिस्का टाइगर रिज़र्व में कोई भी खनन गतिविधि नहीं हो सकती. प्रतिपक्ष नेता जूली ने कहा कि बाघिन एसटी-27 की ओर से मई 2024 में दो शावकों को जन्म देने वाले टहला क्षेत्र को सीटीएच से हटाकर बफर ज़ोन बनाना न केवल नैतिक अपराध था, बल्कि वन्यजीव हत्या का परोक्ष षड्यंत्र भी था.
सीटीएच ड्राफ्ट पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास : नेता प्रतिपक्ष जूली ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत सरिस्का का सीटीएच ड्राफ्ट न विज्ञान आधार पर सही था और न ही इसके लिए कोई जनसुनवाई की गई. इस कारण इस ड्राफ्ट में पारदर्शिता भी नहीं थी. इस ड्राफ्ट में सिर्फ पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की लालसा दिखाई पड़ती थी. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्र और राज्य दोनों जगह अलवर से चुने गए वन मंत्री होने के बावजूद सरिस्का जैसी धरोहर को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा. जूली ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने बाघों की कीमत पर माफियाओं को लाभ पहुंचाने की साजिश रची. इसी के चलते इकोलॉजिकल सेंसेटिव ज़ोन की जगह उनकी प्राथमिकता इकोनोमिक सेंसेटिव ज़ोन बन गई.
सरिस्का का जंगल खनन माफिया की सम्पत्ति नहीं : जूली ने कहा कि सरिस्का का जंगल खनन माफिया या होटल लॉबी की संपत्ति नहीं है, यह बाघों की नर्सरी है, अलवर की शान है, राजस्थान की धरोहर है. जिसे कांग्रेस सरकारों ने सीटीएच का विस्तार कर पुनर्जीवित किया. इसके चलते आज वहां 48 बाघों की दहाड़ गूंज रही है. उन्होंने कहा कि सरिस्का को खनन की खान नहीं बनने देंगे, यह अलवर की सांस्कृतिक, जैविक और भावनात्मक पूंजी है.




















