जयपुर: देश की सरहदों की रक्षा में दिन-रात मुस्तैद रहने वाले जवान रक्षाबंधन पर घर नहीं आ पाते हैं. रक्षाबंधन पर उनकी कलाई सूनी नहीं रहे. इसलिए जयपुर की बच्चियां बॉर्डर पर जाकर जवानों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधेगी. बुधवार को अमर जवान ज्योति स्मारक से राष्ट्रीय रक्षाबंधन यात्रा रवाना हुई. पहले दल में 30 बच्चियां पाकिस्तान और चीन बॉर्डर के लिए रवाना हुई हैं. जो बॉर्डर पर तैनात सैनिकों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधेगी. इससे पहले अमर जवान ज्योति स्मारक पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की गई. इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और हवामहल से भाजपा विधायक बालमुकुंदाचार्य ने भी शिरकत की.
2013 से लगातार चल रहा है सिलसिला: जयपुर के जामडोली स्थित श्रीशक्तिपीठ के वात्सल्य साधना केंद्र की साध्वी समदर्शी ने बताया, राष्ट्रीय रक्षाबंधन यात्रा साल 2013 में पहली बार शुरू की गई थी. इस साल 36 लोगों का एक दल आज रवाना हुआ है. इसमें 30 बच्चियां हैं. यह दल पहले जोधपुर जाएगा. जहां सैनिकों को रक्षासूत्र बांधे जाएंगे. इसके बाद जैसलमेर में पाकिस्तान से सटी सरहद पर स्थित चौकियों की रक्षा में तैनात जवानों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा. राजस्थान के बाद यह बच्चियां पंजाब में पाकिस्तान सरहद पर तैनात सैनिकों को राखी बांधेगी. इसके बाद उनका कारवां हिमाचल प्रदेश में चीन सीमा पर तैनात आटीबीपी के जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र सजाएंगी.
जयपुर की स्कूलों से मिली 70 हजार राखियां: उन्होंने बताया कि इस बार करीब 70 हजार राखियां श्रीशक्तिपीठ के पास आई हैं. यह राखियां जयपुर की स्कूलों में बच्चियां तैयार करती हैं. इसके लिए बाकायदा स्कूलों में राखी बनाने की प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है. इन प्रतियोगिताओं में बनने वाली राखियां एक सप्ताह पहले श्रीशक्तिपीठ आश्रम में पहुंचाई जाती है. इन्हीं राखियों को सैनिकों की कलाई पर सजाया जाता है.
प्राकृतिक आपदाओं के मद्देनजर इस बार दल में कम बच्चियों को शामिल किया गया है. उन्होंने बताया कि शुरुआत में इस दल में 50 बच्चियों को शामिल किया गया था. इसके बाद लगातार बच्चियों की संख्या बढ़ती गई. हालांकि, इस बार कई राज्यों में तेज बारिश और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है. ऐसे में दल में बच्चियों की संख्या कम रखी गई है. हालांकि, इन चुनौतियों के बावजूद बच्चियों के उत्साह में कोई कमी नहीं है.
सैनिकों को संदेश, देश आपके साथ: इस कार्यक्रम में पहुंचे शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने राष्ट्रीय रक्षाबंधन यात्रा में शामिल बच्चियों का उत्साहवर्धन किया. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, हमारी सुरक्षा और देश के सम्मान में सीमाओं पर तैनात सैनिक होली-दीवाली और रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर घर नहीं आ पाते हैं. उनके सम्मान और उन्हें रक्षासूत्र बांधने के लिए यह यात्रा आज रवाना हो रही है. यह सैनिकों को आभास करवाता है कि पूरा देश आपके साथ है.
सैनिकों की लंबी उम्र की कामना: हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने कहा, आतंरिक सुरक्षा में पुलिस और सीमाओं की सुरक्षा में सैनिक हर समय मुस्तैद रहते हैं. हम उनकी रक्षा की कामना करते हैं. हर साल साध्वी समदर्शी की अगुवाई में जयपुर से महिलाएं और बच्चियां सीमाओं पर तैनात जवानों को राखी बांधती हैं. यह परंपरा जयपुर से शुरू हुई है. बच्चियां सैनिकों को रक्षासूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं.




















