श्रीगंगानगर: जिला पुलिस की सजगता और त्वरित कार्रवाई ने श्रीगंगानगर में एक बड़े अपराध को रोकते हुए कुख्यात गैंग की सनसनीखेज साजिश को विफल कर दिया. थाना सदर और जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने संयुक्त अभियान चलाकर चार खूंखार बदमाशों को विदेशी पिस्टल और 14 जिंदा कारतूसों के साथ धर दबोचा. ये बदमाश शहर में गंभीर आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया.
पुलिस अधीक्षक गौरव यादव ने बताया कि अपराध नियंत्रण और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रघुवीर प्रसाद और सहायक पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के मार्गदर्शन में विशेष टीमें गठित की गई थी. गुप्त सूचना के आधार पर थाना सदर प्रभारी सुभाषचन्द्र और डीएसटी प्रभारी रामविलास ने नाईयांवाली चक 5ई छोटी में आनंद बॉयज पीजी पर छापा मारा.
उन्होंने बताया कि वहां मौजूद चार संदिग्धों ने तीसरी मंजिल से कूदकर भागने की कोशिश की, जिससे उन्हें चोटें आईं. पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए सभी को हिरासत में ले लिया. गिरफ्तार बदमाशों की पहचान दिलप्रीत सिंह उर्फ डीके, अनिल, विष्णु कुमार उर्फ निन्जा और हीरालाल उर्फ हीरा के रूप में हुई. तलाशी में दिलप्रीत से 5, अनिल से 6 और हीरा से 3 जिंदा कारतूस बरामद हुए, जबकि विष्णु के पास तुर्की निर्मित जिगाना पिस्टल मिली.
विदेश से सप्लाई हुए थे हथियार: एसपी ने बताया कि पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये बदमाश एक गैंग लीडर के निर्देश पर शहर में रैकी कर रहे थे और हत्या या फायरिंग जैसी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे. इन बदमाशों को हथियार विदेश में बैठे एक कुख्यात गैंगस्टर ने सप्लाई किए थे. थाना सदर में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान उप निरीक्षक हंसराज को सौंपा गया है. पुलिस ने बताया कि यह गैंग पहले भी रंगदारी और गोलीबारी की घटनाओं में शामिल रहा है. अब उनके स्थानीय संपर्कों और नेटवर्क की तलाश तेज कर दी गई है ताकि इस साजिश के पीछे के पूरे रैकेट का खुलासा हो सके.
असमाजिक गतिविधियों की सूचना देने की अपील: यादव ने बताया कि इस कार्रवाई में पुलिस की रणनीति, त्वरित सूचना संकलन और समन्वित प्रयासों की अहम भूमिका रही. स्थानीय लोगों ने इस सफल ऑपरेशन की सराहना की और इसे अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया. उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे असामाजिक गतिविधियों की जानकारी तुरंत साझा करें ताकि भविष्य में भी ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.




















