बूंदी: जिले के लाखेरी उपखंड क्षेत्र की उतराना पंचायत के बढ़ौली गांव में श्मशान भूमि को लेकर विवाद गहराने पर गुरुवार सुबह ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. गांव में एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर पहुंचे परिजनों को श्मशान तक पहुंचने में बाधा उत्पन्न हुई तो उन्होंने बूंदी-लाखेरी मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग ने श्मशान भूमि के रास्ते पर अवैध रूप से दीवार खड़ी कर दी और खाई खोद दी है. इससे अंतिम संस्कार में गंभीर समस्या आ रही है. विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने शव को सड़क पर रखकर लगभग चार घंटे तक यातायात जाम कर दिया. इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई.
सूचना मिलते ही तहसीलदार राजेंद्र कुमार मीणा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की. तहसीलदार ने तत्काल वन विभाग द्वारा खोदी गई खाई को जेसीबी की मदद से भरवाया और श्मशान तक पहुंचने का रास्ता साफ करवाया. इसके बाद ग्रामीण शव को लेकर श्मशान पहुंचे और अंतिम संस्कार किया. इस दौरान लाखेरी थाना पुलिस भी मौके पर मौजूद रही. यातायात जाम हटाने में मदद की. फिलहाल पुलिस ने किसी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की है.
श्मशान वन भूमि में है: तहसीलदार राजेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि श्मशान वनभूमि में है, लेकिन गांव के लिए प्रशासन ने अलग से भूमि आवंटित की है. पंचायत द्वारा बजट की कमी का हवाला देते हुए अभी तक श्मशान में प्लेटफॉर्म, छत और चारदीवारी का निर्माण नहीं करवाया गया है. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांग को देखते हुए पुराने श्मशान तक पहुंचने का रास्ता बना दिया गया है.
चार घंटे तक जाम, यातायात अस्त-व्यस्त: श्मशान भूमि विवाद के कारण लाखेरी-बूंदी मार्ग पर चार घंटे तक यातायात ठप रहा. दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई. ग्रामीणों का आरोप था कि वर्षों से इसी श्मशान में अंतिम संस्कार होता आ रहा है, लेकिन वन विभाग ने हाल ही में रास्ते में खाई खोदकर अवरोध पैदा कर दिया. इस दौरान लाखेरी थाना प्रभारी सुभाष शर्मा सहित पुलिस टीम मौके पर तैनात रही.




















