जयपुर : प्रदेश में लम्बे समय बाद एक बार फिर भजनलाल सरकार ने राजनीतिक नियुक्तियों का दौर शुरू कर दिया है. बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी को वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. नियुक्ति के बाद अरुण चतुर्वेदी सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और सीएम भजनलाल शर्मा से मुलाकात की. नवनियुक्त वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी 7 अगस्त को अपना कार्यभार संभालेंगे. इस बीच ETV भारत से खास बातचीत में अरुण चतुर्वेदी ने अपनी नियुक्ति पर केंद्रीय नेतृत्व और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताया. उन्होंने अपने दायित्व को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व ने बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है. बजट री लोकेशन राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण है. बड़े शहर और गांव ही नहीं, बल्कि छोटे शहर और गांव को लाभ देने पर काम करना है.
पार्टी टिकट काटती नहीं, सिर्फ देती है : राजस्थान वित्त आयोग के नए अध्यक्ष नियुक्त किए गए अरुण चतुर्वेदी ने कहा है कि जो दायित्व केंद्रीय और राज्य के नेतृत्व ने दिया, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने की कोशिश रहेगी. पार्टी के साधारण कार्यकर्ता को वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है. इस पर पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ में काम करने की कोशिश रहेगी. ‘जहां तक टिकट कटने के बाद उदासीनता की बात तो बता दूं कि चुनाव में पार्टी किसी का टिकट नहीं काटती है, बल्कि टिकट देने का काम करती है. जहां तक निराशा की बात है तो पार्टी ने जब जो जिम्मेदारी दी, उसके हिसाब से काम किया. संगठन ने काम दिया, नहीं दिया, ज्यादा दिया, कम दिया उसके अनुसार काम किया. कभी निराश नहीं हुआ’.
‘उन्होंने कहा कि संगठन का एक कार्यकर्ता हूं, जो भी नेतृत्व को सही लगा और उन्होंने जो जिम्मेदारी दी उसे करने का काम किया. आज वित्त आयोग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है, इसे भी पूरी ईमानदारी निष्ठा के साथ करने की कोशिश रहेगी’. अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि प्रदेश में रेवेन्यू का कलेक्शन और उसका री रिलोकेशन करना, निकाय और पंचायत के फंड आवंटन का काम होता है. बजट से पहले इसको लेकर मीटिंग करेंगे. बजट आवंटन को लेकर राजस्थान सरकार और विधानसभा को देंगे ताकि बजट में इसका प्रावधान हो. बजट के माध्यम से पंचायत-निकाय में ज्यादा विकास के काम करने की कोशिश होगी.
छोटे शहर और गांव को लाभ देने पर काम करेंगे : अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि पंचायत और निकाय चुनाव लगभग परिसीमन का काम पूरा हो गया है. कुछ दिनों में औपचारिक नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा. इसके बाद वार्डों का पुनर्गठन होगा और वोटिंग लिस्ट बनेगी. नवंबर के आसपास सरकार का मन चुनाव कराने का है, पार्टी उसके लिए तैयार है. इसमें वित्त आयोग की ज्यादा भूमिका नहीं है, लेकिन पहले 33 जिले थे, अब 41 जिले हैं. इनमें किस तरह से बजट आवंटन हो, इसको लेकर आयोग सुझाव देगा. आज की जो व्यवस्था है, उसमें पैसा पहुंचे, पूरा पैसा पहुंचे ये हमारी कोशिश होगी.
चतुर्वेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि बड़े शहर ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों और गांवों का विकास हो. वहां पर किस तरह से बजट पहुंचे, विकास योजना पर काम करेंगे. आयोग अपनी सीमाओं में रहकर पंचायतों और नगर निकायों की आर्थिक स्थिति सुधारने को लेकर सुझाव देगा. आयोग का मुख्य कार्य पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों की टैक्स व्यवस्था, संसाधनों और विकास कार्यों की समीक्षा करना है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया जा सके. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने और पंचायत व नगर निकायों में जन सेवा के कार्यों को गति देने के लिए आवश्यक सुधारों पर काम होगा.
चतुर्वेदी ने जोर देकर कहा कि टैक्स कलेक्शन की व्यवस्था और केंद्र व राज्य सरकार से मिलने वाली धनराशि का सही ढंग से पुनर्वितरण (रिलोकेशन) सुनिश्चित करना भी आयोग की प्राथमिकता होगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग संवैधानिक सीमाओं में रहकर ही सुझाव देगा, ताकि स्थानीय निकायों का विकास और सेवा कार्यों की गुणवत्ता बेहतर हो सके.
7 अगस्त को संभालेंगे काम : पदभार ग्रहण करने के सवाल पर अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि 7 अगस्त को औपचारिक रूप से पद भार संभाल लेंगे. मुख्यमंत्री से मुलाकात को लेकर चतुर्वेदी ने कहा कि सामान्य प्रक्रिया है. पार्टी दायित्व देती है तो सरकार के मुखिया से मुलाकात करनी होती है. मुख्यमंत्री से हमारी नियमित रूप से मुलाकात होती है, बातचीत होती रहती है. आज भी अनौपचारिक बातचीत हुई है, दायित्व मिलने के बाद में नेतृत्व से मिलना होता है, उसी संदर्भ में मुलाकात हुई और आभार जताया गया है. बता दें कि 1 अगस्त को राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के निर्देश पर वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया ने अरुण चतुर्वेदी को वित्त आयोग का अध्यक्ष और पूर्व आईएएस नरेश कुमार ठकराल को सदस्य सचिव बनाने का आदेश जारी किए थे. दोनों की नियुक्ति डेढ़ साल की रहेगी.
ये रहेगा काम :
- आयोग सभी स्तरों पर पंचायतों की वित्तीय स्थिति का पुनर्विलोकन करेगा कई विषयों के संबंध में सिफारिश करेगा.
- आयोग सभी स्तरों पर नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति का पुनर्विलोकन भी करेगा और कई विषयों के संबंध में सिफारिश करेगा.
- आयोग ऐसे समस्त मामलों में, जहां जनसंख्या करों और शुल्कों और सहायता अनुदानों के न्यागमन के निर्धारण के लिए एक कारक के रूप में है. वहां 2011 जनगणना की जनसंख्या को अंगीकृत करेगा.
- आयोग उन आधारों को उपदर्शित और उपलब्ध करवाएगा जिन पर उसके निष्कर्ष आधारित है साथ ही स्थानीय सरकारों के प्राप्तियों और व्यय के प्राक्कलन किया गया है.
- आयोग, ऐसे उपांतरणों के साथ जो आवश्यक हों, भारत सरकार के 13वें वित्त आयोग की ओर से सुझाए गए आदर्शों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा.
- आयोग अपने कार्यकाल की समाप्ति अथवा समाप्ति के पूर्व, 1 अप्रैल 2025 से प्रारंभ होने वाले पांच वर्षों की अवधि के लिए, प्रयुक्त प्रत्येक मामले पर, अपनी रिपोर्ट (अंग्रेजी और हिन्दी में) उपलब्ध करवाएगा.




















