जयपुर: वित्त आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है. चतुर्वेदी को मिलने वाली सुविधाओं का खर्च अब वित्त विभाग वहन करेगा. मंत्रिमंडल सचिवालय के शासन सचिव डॉ. जोगाराम की ओर से मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार, अरुण चतुर्वेदी को राज्यपाल की स्वीकृति के बाद मंत्री स्तर के रूप में कार्यग्रहण की तिथि से तमाम सुविधाओं पर होने वाला खर्च वित्त विभाग उठाएगा.
अनुशासन का इनाम: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री रह चुके चतुर्वेदी को विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी में सिविल लाइन से टिकट नहीं दिया गया था. उनकी जगह गोपाल शर्मा को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया. टिकट कटने के बावजूद चतुर्वेदी ने पार्टी अनुशासन की पालना की ओर चुनाव के दौरान पार्टी की ओर से सौंपे दायित्व निभाए. संघ के करीबी माने जाने वाले चतुर्वेदी को पार्टी ने उनके अनुशासन और निष्ठा के आधार पर वित्त आयोग अध्यक्ष जैसा अहम दायित्व दिया है. चतुर्वेदी अब वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में सरकार को बजट आवंटन से जुड़े सुझाव देंगे.
ये मिलेगी सुविधाएं
- वेतन और सत्कार भत्ता : वेतन 65,000, सत्कार भत्ता 55,000 रुपए
- आवास भत्ता : जयपुर में होने के कारण 10000, दैनिक भत्ता राज्य में होने पर प्रतिदिन 2000 रुपए (180 दिवस प्रतिवर्ष की सीमा तक )
- राज्य से बाहर जाने की स्थिति में: 2500 रुपए (प्रतिदिन 100 दिवस प्रतिवर्ष की सीमा तक)
- टेलीफोन भत्ता : एक निशुल्क राज्य की टेलीफोन कार्यालय उपयोग के लिए स्थायी लैंडलाइन, पोस्टपेड, मोबाइल ब्रॉडबैंड व इंटरनेट मॉडम सहित प्रतिमा वित्तीय समानांतरण के 10000 मिलेंगे
- ठहरने और भोजन की व्यवस्था : कैबिनेट मंत्री स्तर की ठहरने और भोजन की व्यवस्था मिलेगी
- वाहन सुविधा : एक वाहन जयपुर और जयपुर से बाहर राज्य की कार्य के लिए मिलेगा
- चिकित्सा सुविधा : कैबिनेट मंत्री स्तर की निशुल्क चिकित्सा सुविधा मिलेगी
- यात्रा भत्ता : कैबिनेट मंत्री के अनुसार A श्रेणी अधिकारी के अनुसार यात्रा भत्ता मिलेगा
आयोग का ये रहेगा काम
- आयोग सभी स्तरों पर पंचायतों की वित्तीय स्थिति का पुनर्विलोकन करेगा. कई विषयों के संबंध में सिफारिश करेगा
- आयोग सभी स्तरों पर नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति का पुनर्विलोकन करेगा और कई विषयों के संबंध में सिफारिश करेगा
- आयोग ऐसे समस्त मामलों में, जहां जनसंख्या करों और शुल्कों और सहायता अनुदानों के न्यागमन के निर्धारण के लिए कारक के रूप में है, वहां 2011 जनगणना की जनसंख्या को अंगीकृत करेगा
- आयोग उन आधारों को उपदर्शित और उपलब्ध कराएगा, जिन पर उसके निष्कर्ष आधारित हैं. साथ ही स्थानीय सरकारों के प्राप्तियों और व्यय के प्राक्कलन किया गया है
- आयोग, ऐसे उपान्तरणों के साथ जो आवश्यक हों, केंद्र सरकार के 13वें वित्त आयोग के सुझाए आदर्शों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगा
- आयोग अपने कार्यकाल की समाप्ति अथवा समाप्ति के पूर्व, एक अप्रैल, 2025 से प्रारंभ होने वाले पांच वर्षों की अवधि के लिए, उपर्युक्त प्रत्येक मामले पर अपनी रिपोर्ट (अंग्रेजी और हिन्दी में) उपलब्ध करवाएगा




















